रिलायंस का आठ अरब डॉलर का ऑर्डर

अनिल अंबानी
Image caption चेयरमैन अनिल अंबानी ने इसे ऐतिहासिक अवसर बताया है.

भारतीय कंपनी रिलायंस पावर ने चीन की कंपनी शंघाई इलेक्ट्रिक कॉर्पोरेशन को ऊर्जा उपकरणों की ख़रीद के लिए क़रीब आठ अरब अमरीकी डॉलर का ऑर्डर दिया है.

समझा जाता है कि ये दुनिया भर में ऊर्जा उपकरणों की ख़रीद का सबसे बड़ा सौदा है.

इस सौदे में शंघाई इलैक्ट्रिक कॉर्पोरेशन रिलायंस पॉवर को टर्बाइन, बॉयलर्स और जेनरेटरों की आपूर्ति करेगा.

रिलायंस पावर इन ऊर्जा उपकरणों का प्रयोग आने वाले 10 वर्षों में क़रीब 30 हज़ार मेगावाट बिजली उत्पादन करने के लिए लगाए जाने वाले संयंत्रों के लिए करेगा.

इसके तहत छह बड़े बिजलीघरों का निर्माण किया जाएगा जिनमें कृष्णापट्नम में बनने वाला 3960 मेगावाट, चितरंगी में 5940 मेगावाट और तिलैय्या में 3960 मेगावाट की क्षमता के ऊर्जा संयंत्र शामिल हैं.

'ऐतिहासिक दिन'

शंघाई कॉरपोरेशन इस सामान की आपूर्ति आने वाले दस वर्षों के दौरान करेगा.

अगले साल से शुरू होकर हर वर्ष तीन या चार यूनिटों के उपकरण रिलायंस पावर को मुहैय्या करवाए जाएंगे.

कंपनी के चेयरमैन अनिल अंबानी ने शंघाई इलैक्ट्रिक के साथ हुए समझौते पर हस्ताक्षर करने के बाद कहा,"ये रिलायंस पावर, उसके शेयरधारकों और लाखों ग्राहकों के लिए एक ऐतिहासिक दिन है."

अंबानी ने कहा है कि ये समझौता भारत-चीन व्यापार सहयोग में एक मील का पत्थर साबित होगा.

बीते रविवार रिलायंस पावर ने अमरीकी कंपनी जनरल इलैक्ट्रिक को ऊर्जा उपकरणों के लिए 750 मिलियन अमरीकी डॉलर का ऑर्डर दिया था.

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