किराया बढ़ाने का प्रस्ताव खारिज, पटेल ने दी चेतावनी

नागरिक उड्डयन मंत्री प्रफ़ुल्ल पटेल ने निजी विमान कंपनियों की ओर से पिछले कुछ हफ्तों में किरायों में भारी वृद्धि की आलोचना की है.

उन्होंने कहा कि उन पर नियंत्रण के लिए मंत्रालय ने एक सलाहकार समिति का गठन किया है. साथ ही उन्होंने विमान कंपनियों के किराया बढ़ाने के प्रस्ताव को ख़ारिज कर दिया है.

पिछले कुछ हफ़्तों से विमान कंपनियों ने यहां तक की सस्ती विमान सेवा प्रदान करने वाली कंपनियों ने भी किराए में जिस प्रकार भारी वृद्धि की है उसकी आम यात्रियों की ओर से ही नहीं बल्कि राजनेताओं की ओर से भी तीखी आलोचना हुई है.

अब नागरिक उड्डयन मंत्री प्रफ़ुल्ल पटेल ने कहा है कि उनके मंत्रालय और डीजीसीए यानि नागरिक उड्डयन निदेशालय ने इस पर विचार किया है और विमान कंपनियों को चेतावनी दी है कि यात्रियों पर ऐसा भार डालने की उनकी नीतियों को वो मूक दर्शक की तरह नहीं देखेंगे.

अनदेखी

कई तबकों से पिछले कुछ हफ्तों से आवाज़ उठ रही थी कि नागरिक उड्डयन मंत्रालय 30 प्रतिशत से ज़्यादा तक की वृद्धि पर चुप्पी क्यों साधे हुए है.

भारतीय जनता पार्टी के नेता और पूर्व नागरिक उड्डयन मंत्री शाहनवाज़ हुसैन ने कहा विमान कंपनियां गुट बना कर आम लोगों के हितों की अनदेखी कर रही है.

हाल में विमान कंपनियों ने सरकार को पत्र लिख कर कहा था कि विमान के किराए सेक्टर के हिसाब से नहीं बल्कि फ़ासलों पर आधारित होने चाहिए.

इसके चलते विमान के किराए लगभग दोगुने हो जाएंगे. मिसाल के तौर पर दिल्ली से बंगलौर या कोलकाता का रिटर्न टिकट 22,000 से 40,000 रूपए तक का हो सकता है.

प्रफ़ुल्ल पटेल ने इस प्रस्ताव को ख़ारिज करते हुए कहा कि जिस प्रकार क़ीमतें बढीं हैं उस पर मंत्रालय ने विमान कंपनियों से जो सवाल किए थे उसके जवाब से वो संतुष्ट नहीं है.

उन्होंने विमान कंपनियों के प्रतिनिधियों को बुलाया जिसमें इस पर चर्चा होगी. साथ ही उन्होंने कहा कि एक नियामक समिति बनेगी जो किरायों पर निगरानी रखेगी जिसमें मंत्रालय ही नहीं बल्कि विमान कंपनियों और आम लोगों के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे.

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