महंगाई 28 महीनों में सबसे ज़्यादा

चीन में मुद्रा स्फ़िति की दर पिछले दो साल में सबसे ऊँचे स्तर पर पहुँच गई है जिसके बाद ब्याज दर फिर बढ़ाए जाने की आशंका जताई जा रही है.

नवंबर में ये दर 5.1 फ़ीसदी रही. इसका मुख्य कारण खाद्य पदार्थों की बढ़ती क़ीमतों को बताया जा रहा है.

वहीं शुक्रवार को चीन में निर्यात दर के आँकड़े उम्मीद से ज़्यादा दर्ज किए गए जिससे महंगाई और बढ़ने की चिंता भी बढ़ गई है.

चीन में बढ़ती महंगाई के कारण हाल के महीनों में सामाजिक अशांति रही है. ग़रीब परिवार अपनी आमदनी का करीब आधा हिस्सा खाने पर ख़र्च करने को मजूबर हैं.

सरकार कह चुकी है कि अगर कोई खाद्य पदार्थों की क़ीमतों को ग़लत तरीकों से बढ़ाने की कोशिश करेगा उसके ख़िलाफ़ कड़े क़दम उठाए जाएँगे.

चीन सरकार ने मुख्य चीज़ों की सप्लाई बढ़ाने के लिए कई क़दम उठाए हैं.

अक्तूबर में चीन के सेन्ट्रल बैंक ने पिछले तीन वर्षों में पहली बार ब्याज दर बढ़ाई थी. विशेषज्ञों का कहना है कि दर फिर से बढ़ानी पड़ सकती है.

जून 2008 के बाद से नवंबर 2010 में मुद्रा स्फ़िति के आँकड़े सबसे ज़्यादा हैं. अक्तूबर में ये आँकड़ा 4.4 फ़ीसदी थी.

आर्थिक मंदी के दौर में चीन ने दो साल पहले 586 अरब डॉलर का आर्थिक पैकेज घोषित किया था. विशेषज्ञों का कहना है कि यहीं से महंगाई बढ़नी शुरु हुई.

संबंधित समाचार