बोनस के लिए कड़े नियम

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Image caption ब्रिटिश बैंकर एसोशियएशन ने इसे नाटकीय बदलाव कहा है

यूरोपीय संघ के अंतर्गत आने वाले बैकों को अपने कर्मचारियों को बोनस देने के लिए कड़े नियमों का पालन करना होगा.

'कमिटी ऑफ यूरोपीयन बैंकिंग सुपरवाइसर' ने जो नए दिशानिर्देश घोषित किए हैं उनके मुताबिक अब बैंक अपने कर्मचारियों को 20 से 30 प्रतिशत ही बोनस दें सकेंगे.

जी-20 देशों की बैठक में इस संबंध में सहमति बनी थी. लेकिन जो नियम बने हैं वो उससे भी ज़्यादा कड़े हैं.

इन नए नियमों के तहत कर्मचारियो को बोनस का एक छोटा भाग मिलेगा और बड़ा भाग तीन से पाँच साल के बाद ही दिया जाएगा.

अगर ऐसे में बैंक का कोई कर्मचारी कम बोनस मिलने पर नौकरी छोड़ने की धमकी देता है तो उसे दंडित किया जा सकता है.

इस नियम के पीछे विचार ये है कि अगर कोई अधिकारी बड़ा ख़तरा लेता है तो उसकी संस्थान के प्रति जवाबदेही बनी रहे और उसे अपने ग़लत फैसले का हर्जाना भरना पड़ेगा.

ये कड़े नियम यूरोपीय संघ में स्थित बैंकों के लिए लागू होगा. लेकिन इसमें गैर यूरोपीय बैंक भी शामिल होंगे जिनकी शाखाएँ यूरोपीय संघ में हैं.

ऐसे में ये सवाल पूछा जा रहा है कि क्या इससे अमरीकी और एशियाई बैंकों को प्रतिस्पर्धा का फ़ायदा मिलेगा.

ये साफ़ नहीं हो पाया है कि अगर ये नई प्रणाली पहले लागू की जाती तो आर्थिक सकंट को रोका जा सकता था. वहीं ये भी कहना मुश्किल है कि बैंक कर्मचारियों और अन्य उद्योगों के बीच वेतन को लेकर जो असंतुलन है उसे ये कम कर पाएगा.

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