रूस-चीन के बीच तेल पाइपलाइन शुरू

तेल पाइपलाइन

दुनिया के सबसे बड़े तेल उत्पादक रूस और दुनिया के सबसे बड़े ऊर्जा उपभोक्ता चीन के बीच पहली तेलपाइप लाइन ने काम करना शुरू कर दिया है.

ये पाइपलाइन साइबेरिया और पूर्वोत्तर चीनी शहर दाक़िंग के बीच बनी है.

इस तेल पाइपलाइन के काम शुरू करने से दोनों देशों के बीच तेल निर्यात तेज़ी से बढ़ेगा.

पाइपलाइन शुरू होने से पहले ट्रेन के माध्यम से रूस का तेल चीन भेजा जाता था. लेकिन अब पाइपलाइन के काम शुरू कर देने से तेज़ी से तेल का निर्यात हो सकेगा.

ख़र्च

अभी तक रूस के 50 हज़ार किलोमीटर तेल पाइपलाइन का केंद्र पश्चिमी सर्बिया था और ये पाइप लाइन यूरोप से जुड़ी हुई थी.

लेकिन अब पूर्वी सर्बिया लाइन के खुलने से रूस को तेल के निर्यात में तेज़ी लाने का मौक़ा मिलेगा.

माना जा रहा है कि हर साल रूस इस नए तेल पाइपलाइन से डेढ़ करोड़ टन तेल का निर्यात कर पाएगा. प्रतिदिन के हिसाब से ये आँकड़ा तीन लाख बैरल बैठता है.

पूर्वी साइबेरिया तेल पाइपलाइन बनाने में 25 अरब डॉलर का ख़र्च आया है.

वर्ष 2009 में सऊदी अरब को पीछे छोड़ते हुए रूस दुनिया का सबसे बड़ा तेल उत्पादक बना था. जबकि पिछले साल अमरीका को पीछे छोड़ते हुए चीन ऊर्जा का सबसे बड़ा उपभोक्ता बना था.

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