कोई रोक नहीं लगी: अनिल अंबानी

  • 16 जनवरी 2011
अनिल अंबानी
Image caption अनिल ने कहा कि उनकी निकट भविष्य में शेयर बाज़ार में निवेश की कोई योजना नहीं थी

उद्योगपति अनिल अंबानी ने भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड यानि सेबी की ओर से उन पर दिसंबर 2011 तक शेयर बाज़ार में कारोबार करने पर लगाई रोक की ख़बर को गुमराह करने वाली जानकारी बताया है.

उन्होंने दावा किया कि नियामक संस्था सेबी ने रियालंस इनफ़्रा और आरएनआरएल पर शेयर बाज़ार में निवेश पर कोई रोक नहीं लगाई है.

हाल में अनिल अंबानी की कंपनियों के साथ विवाद सुलझाने की कार्यवाही के तहत सेबी ने कहा था कि विदेशी क़र्ज़ लेने संबंधी नियमों के कथित उल्लंघन के बाद ये फ़ैसला लिया गया था.

इस फ़ैसले के तहत अनिल अंबानी की कंपनियों के शीर्ष अधिकारियों को 50 करोड़ रुपए का निपटारा शुल्क देना पड़ा है.

अनिल अंबानी के अलावा रिलायंस इनफ़्रा के उपाध्यक्ष सतीश सेठ और इसी कंपनी के तीन निदेशक - एससी गुप्ता, ललित जालान, और जेपी चलसानी से भी शेयर बाज़ार में दिसंबर 2011 तक निवेश करने पर प्रतिबंध लगाया गया था.

सिर्फ़ शेयर बाज़ार पर रोक

मुंबई में अनिल अंबानी ने एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान कहा कि किसी तरह का कोई प्रतिबंध नहीं लगाया गया है लेकिन उनकी बाज़ार में दिसंबर 2011 तक निवेश करने की कोई योजना नहीं है.

उनका कहना था कि कंसेंट शुल्क यानी निपटारा शुल्क दे दिया गया है और ये मामला ख़त्म हो गया है. उनका ये भी कहना था कि ऐसा करने के बाद सेबी ने अपनी वेबसाइट पर मामले बंद करने की जानकारी भी दे दी है.

अनिल अंबानी का कहना था कि इस मामले का कंपनियों पर कोई आर्थिक असर नहीं होगा.

सेबी ने ये रोक सिर्फ़ शेयर बाज़ार के लिए लगाई थी. सेबी ने अनिल अंबानी, उनकी कंपनियों से जुड़े अधिकारी और दोनों कंपनियां को म्युचुअल फंड में कारोबार करने और प्राइमरी इश्यू, बायबैक और खुली पेशकश करने की इजाज़त दे दी थी.

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