रिज़र्व बैंक ने ब्याज़ दरें बढ़ाई

  • 26 जनवरी 2011
रिज़र्व बैंक
Image caption रिज़र्व बैंक मंहगाई रोकने के हरसंभव प्रयास करता दिख रहा है.

भारतीय रिज़र्व बैंक ने मंहगाई को रोकने के प्रयासों के तहत एक बार फिर ब्याज़ दरें (रेपो रेट) बढ़ाई हैं.

पिछले एक वर्ष में सातवीं बार ब्याज़ दरें बढ़ाई गई हैं. ये वो ब्याज़ दर है जो रिज़र्व बैंक अन्य बैंकों को दिए गए कर्ज़ पर लगाता है.

अब रेपो रेट 6.25 प्रतिशत से बढ़कर 6.5 प्रतिशत हो गया है जो 2008 के बाद सबसे अधिक है.

भारत में मंहगाई तेज़ी से बढ़ी है और दिसंबर महीने में यह 8.43 प्रतिशत पर पहुंच गई थी. देश में खाद्य पदार्थों और तेल की क़ीमतें बहुत अधिक हो चुकी हैं.

मंहगाई पर नियंत्रण करने के लिए ब्याज़ दरें बढ़ाई जाती हैं.

भारत से पहले दक्षिण कोरिया और थाईलैंड में भी ब्याज़ दरें बढ़ी हैं.

रिज़र्व बैंक के गवर्नर डी सुब्बा राव ने बताया कि मंहगाई बहुत ऊपर जा चुकी है और इसलिए ये उपाय किए जा रहे हैं ताकि इसे कम किया जाए.

भारत ने यह क़दम ऐसे समय में उठाया है जब मंगलवार को अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने चेतावनी दी है कि नई अर्थव्यवस्थाओं पर खतरा मंडरा रहा है.

बैंक ऑफ बड़ौदा के मुख्य अर्थशास्त्री रुपा रेगे निस्तुरे का कहना था कि उन्हें उम्मीद है कि बैंक फरवरी महीने में एक बार फिर ब्याज़ दरें बढ़ाएगा.

संबंधित समाचार