बीपी और रिलायंस का अरबों का क़रार

Image caption मुकेश अंबानी ने समझौते को भारत की ऊर्जा ज़रूरतों के मद्देनज़र महत्वपूर्ण बताया

ब्रिटेन स्थित बहुराष्ट्रीय तेल कंपनी बीपी ने भारत की सबसे बड़ी कंपनियों में से एक रिलायंस इंडस्ट्रीज़ के साथ व्यावसायिक साझेदारी की घोषणा की है.

कुल क़रीब 20 अरब डॉलर के इस समझौते के तहत बीपी को रिलायंस के तेल और गैस उत्पादन क्षेत्रों में 30 प्रतिशत की हिस्सेदारी प्राप्त हो सकेगी.

भारत के अलग-अलग हिस्सों में प्राकृतिक गैस पहुँचाने और बेचने में भी बीपी और रिलायंस मिल कर काम करेंगे.

लंदन में इस समझौते की घोषणा करते हुए दोनों कंपनियों ने कहा है कि किसी विदेशी कंपनी ने पहली बार इतने बड़े स्तर पर भारत में प्रत्यक्ष निवेश किया है.

बीपी और रिलायंस के बीच हुआ व्यावसायिक समझौता भारत सरकार की स्वीकृति के बाद लागू हो सकेगा.

हाइड्रोकार्बन भंडार का बेहतर दोहन

बंगाल की खाड़ी में क़रीब पौने तीन लाख वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैले रिलायंस के तेल और गैस उत्पादन क्षेत्र में 30 प्रतिशत हिस्सेदारी के बदले बीपी गहरे समुद्र में तेल-गैस की खोज में रिलायंस का हाथ बंटाएगी.

रिलायंस इंडस्ट्रीज़ के प्रमुख मुकेश अंबानी ने समझौते के बाद अपने बयान में कहा, "हम बीपी का साझीदार बनने से बहुत ख़ुश हैं क्योंकि इसके ज़रिए हमारे व्यवसाय में न सिर्फ़ नया निवेश होगा बल्कि नई प्रौद्योगिकी भी आएगी. इसके कारण तेल-गैस के नए भंडार मिल सकेंगे और उत्पादन भी बढ़ सकेगा."

मुकेश अंबानी ने कहा कि बीपी के साथ हुए समझौते से भारत के हाइड्रोकार्बन भंडार का बेहतर दोहन हो सकेगा.

मेक्सिको की खाड़ी में पिछले साल हुए तेल रिसाव के हादसे के बाद से बीपी का ये दूसरा महत्वपूर्ण समझौता है.

अभी पिछले ही महीने बीपी ने आर्कटिक क्षेत्र में तेल खोजने के लिए एक रूसी कंपनी के साथ अरबों डॉलर का समझौता करने की घोषणा की थी.

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