भाड़ों में बढ़ोतरी नहीं, लेकिन कमाई ज़्यादा होगी

इमेज कॉपीरइट Reuters
Image caption यूपीए-2 के शासनकाल में ममता बनर्जी का ये तीसरा रेल बजट है.

रेल मंत्री ममता बनर्जी ने साल 2011-12 के रेल बजट में भाड़ों में किसी तरह की बढ़ोतरी नहीं की है. लेकिन साथ ही कहा है कि इस साल रेल की कमाई पहले से ज़्यादा होगी.

आर्थिक तंगी से जूझ रही भारतीय रेल के मद्देनज़र इस बजट को काफ़ी चुनौतियों भरा माना जा रहा था लेकिन ममता बनर्जी ने काफ़ी हद तक एक लोक-लुभावन बजट पेश किया है.

उन्होंने कहा: "रहा गुलशन तब फूल खिलेंगे, रही ज़िदगी तो कामयाबी मिलेगी."

ममता बनर्जी ने कहा है कि वो रेल के ज़रिए एक सामाजिक क्रांति की बुनियाद रखना चाहती हैं जिसे प्रधानमंत्री रेलवे विकास योजना का नाम दिया जाएगा.

उन्होंने कहा है कि रेल तक ग़रीबों की पहुंच बढ़ाने के काफ़ी प्रयास किए जाएंगे और जो भी परियोजनाएं हैं सभी प्रधानमंत्री रेल विकास योजना के अंतर्गत आएंगे.

'आम आदमी का बजट'

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने इसे आम आदमी का बजट कहा है क्योंकि भाड़े में बढ़ोतरी नहीं की गई है.

मनमोहन सिंह ने कहा कि इसे मुद्रास्फ़ीति को नियंत्रण में रखने में भी मदद मिलेगी.

इसके अलावा उन्होंने कहा है कि रेल के मूलभूत ढ़ांचे में निवेश से आर्थिक तरक्की की रफ़्तार बनाए रखने में भी मदद मिलेगी.

योजनाएं

रेल मंत्री ने कहा है कि भारतीय रेल आर्थिक चुनौतियों के साथ सामाजिक ज़िम्मेदारियों पर भी ध्य़ान देने की कोशिश कर रही है.

उन्होंने कहा है कि इस वित्तीय वर्ष के लिए रेल की वार्षिक योजना 57,630 करोड़ रूपए की है.

नई रेल लाईन बिछाने के लिए 9,853 करोड़ रूपए खर्च किए जाएंगे.

ममता बनर्जी ने कहा है कि इस साल ऐसी नीतियों पर ध्यान दिया जा रहा है जिनसे व्यापार में बढ़ोतरी हो.

उन्होंने बड़े शहरों ख़ासकर मुंबई, चेन्नई, अहमदाबाद, हैदराबाद और कोलकाता के लिए एक इंटीग्रेटेड सब-अर्बन रेल तंत्र की स्थापना की भी बात की.

उन्होंने कोलकाता में सिंगुर के पास कोलबा में एक मेट्रो कोच फ़ैक्ट्री की शुरूआत करने का एलान किया है.

ममता बनर्जी चेलिंघम, नंदीग्राम और न्यू बोंगाईगांव में रेल फ़ैक्ट्री शुरू करने का भी एलान किया है.

मणिपुर में एक डीज़ल लोकोमोटिव प्लांट की स्थापना करने का भी एलान किया गया है.

इमेज कॉपीरइट BBC World Service
Image caption इसे काफ़ी हद तक एक लोक-लुभावन बजट माना जा रहा है.

इस बजट के तहत जम्मू-कश्मीर में एक रेल ब्रिज फ़ैक्ट्री बनाने की भी योजना है.

रेल कर्मचारी

उन्होंने कहा है कि पहली बार रेल में 16,000 पूर्व सैनिकों को नौकरी दी जा रही है.

उन्होंने लता मंगेशकर के गाए हुए लोकप्रिय देशभक्ति गीत ऐ मेरे वतन के लोगों की कुछ पंक्तियां भी सुनाईं.

उन्होंने निचले दर्जे के रेल कर्मचारियों ख़ासकर प्वाइंट्समैन, लीवरमैन, खलासी इत्यादि के लिए कहा है कि यदि वो 50 साल के बाद नौकरी करने की स्थिति में नहीं रह जाते तो उनके परिवार के किसी व्यक्ति को वो नौकरी दी जाएगी.

उनका कहना था कि रेल कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए भी विशेष कदम उठाए जाएंगे.

'पहले से ज़्यादा कमाई'

उन्होंने कहा है रेल अभी आर्थिक चुनौतियों से जूझ रहा है.

उनका कहना था कि छठे वेतन आयोग की वजह से कुल 76,000 करोड़ रूपए का अतिरिक्त खर्च आया है.

लेकिन उन्होंने कहा है कि इस साल पहले के मुक़ाबले रेल ने ज़्यादा कमाई की है.

ममता बनर्जी ने कहा कि इस साल एक लाख करोड़ से ज़्यादा की कमाई होगी.

साथ ही उन्होंने कहा कि रेल अपने खर्चों में भी कटौती कर रही है.

संसद में हंगामा

उनके बजट भाषण के दौरान कई बार लोकसभा में सांसदों ने हंगामा भी किया.

ख़ासतौर से जब भी उन्होंने अपने राज्य पश्चिम बंगाल के लिए परियोजनाओं का एलान किया तो उन्हें सांसदों के ताने सुनने पड़े.

उन्होंने जब उसके जवाबी ताने दिए तब की सांसद खड़े होकर शोर करने लगे.

लोक लुभावन

एसी और नॉन एसी टिकटों की बुकिंग दर में पचास प्रतिशत की कटौती होगी.

ऐसी महिलाएं जो 58 साल से ज़्यादा उम्र की हैं उन्हें टिकट रियायती दर पर मिलेंगे. इसके पहले ये उम्र सीमा 62 साल की थी.

मीडिया और उनके परिवार को साल में एक बार रेल टिकट में पचास प्रतिशत की छूट मिलती थी. इसे बढ़ाकर अब दो बार कर दिया गया है.

ऑनलाइन बुंकिंग सस्ते होंगे.

विकलांग लोगों को राजधानी एक्सप्रेस के टिकटों में रियायत मिलेगी.

रेलवे स्टेशनों पर ट्रॉली की व्यवस्था होगी.

ममता बनर्जी ने 56 नई एक्सप्रेस ट्रेनों का भी एलान किया है.

छात्रों के लिए एक नई ट्रेन का एलान हुआ है.

सुरक्षा

ममता बनर्जी ने कहा है कि यात्री सुरक्षा पर ख़ासा ध्यान दिया जा रहा है.

उनका कहना है कि ट्रेन दुर्घटना और टकराव रोकने के लिए नई मशीनें बनाई जा रही हैं.

उन्होंने कहा है कि कोई भी रेल फ़ाटक बिना किसी कर्मचारी के नहीं होगा.

शक्रवार को बजट पेश करते हुए उन्होंने कहा कि रेल में कोई ग़लती होती है तो उसे फ़ौरन निशाना बनाया जाता है.

उन्होंने कहा, "हम आह भी करते हैं तो हो जाते हैं बदनाम, वो क़त्ल भी करते हैं तो चर्चा नहीं होती."

उन्होंने कहा कुछ दुर्घटनाओं की वजह से रेल की छवि को धूमिल नहीं करना चाहिए.

संबंधित समाचार

संबंधित इंटरनेट लिंक

बीबीसी बाहरी इंटरनेट साइट की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है