कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य के लिए पैसा बढ़ा

वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने देश का 80वां आम बजट पेश किया है जिसमें उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि क्षेत्र पर काफ़ी ज़ोर दिया है.

साथ ही उन्होंने कहा है कि मंहगाई अभी भी चिंताजनक स्तर पर है लेकिन आने वाले वित्तीय वर्ष में मंहगाई दर कम होने की संभावना है और आर्थिक तरक्की की दर नौ प्रतिशत पर बनी रहेगी.

आर्थिक विश्वलेषकों ने अपनी आरंभिक प्रतिक्रिया में कहा है कि इस बजट में विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखा गया है, बजट घाटे में कमी करने के लिए ख़ास कदम नहीं उठाए गए हैं, भ्रष्टाचार और काले धन पर लगाम कसने के लिए भी कुछ ठोस उपाए नहीं सुझाए गए हैं.

ग़रीबों को पैसा

ग़रीबी रेखा से नीचे रहनेवाले लोगों के लिए मिट्टी के तेल और रसोई गैस में मिलनेवाली रियायतें नकद राशि के तौर पर दी जाएगी. ये सरकार की सब्सिडी पॉलिसी में एक बड़े परिवर्तन और एक बोल्ड कदम के तौर पर देखा जा रहा है.

वित्तमंत्री ने कहा है कि इस प्रक्रिया को जल्द से जल्द लागू करने के लिए एक टास्क फ़ोर्स बनाया जा रहा है.

उन्होंने कहा है कि अभी मुख्य रूप से चुनौतियां हैं उच्च विकास दर बनाए रखने की, विकास में पूरे देश को शामिल करने की और सरकारी कार्यक्रमों को बेहतर करने की.

वित्त मंत्री ने कहा है कि ग्रामीण इलाकों में घरों के लिए मिलनेवाले कर्ज़ कोष को अब 3,000 करोड़ रूपए तक बढ़ाया जा रहा है. पहले ये 2,000 करोड़ का था.

Image caption कुछ विश्लेषक इसे आम आदमी का बजट मान रहे हैं.

वहीं कमज़ोर वर्गों को दिए गए कर्ज़ के इंश्योरेंस के लिए मार्गेज रिस्क गारंटी फंड की स्थापना की जा रही है.

वित्त मंत्री ने कहा है कि भुखमरी और कुपोषण जैसी समस्याओं से निपटने के लिए एक राष्ट्रीय फ़ूड बिल को संसद में पेश किया जाएगा.

वहीं सामाजिक क्षेत्र के बजट में 17 प्रतिशत की वृद्धि की जाएगी.

आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के मासिक वेतन को 1500 से बढ़ाकर 3,000 करने का एलान किया गया है वहीं सहायकों के वेतन को 750 से बढ़ाकर 1500 रूपए किया जाएगा.

कृषि

वित्त मंत्री ने कहा है कि कृषि क्षेत्र की बेहतरी के लिए उठाए गए कदमों का असर देखा जा रहा है और उन्हें जारी रखा जाएगा.

उन्होंने कहा है कि खाद्द पदार्थों की आपूर्ति बेहतर करने के लिए कृषि पर ध्यान देना अहम है.

उनका कहना था कि फल, सब्ज़ी, दूध, मांस जैसी वस्तुओं के उत्पादन और वितरण में जो समस्याएं हैं उन्हें दूर करने के लिए राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के बजट को बढ़ाकर 7,860 करोड़ का किया जा रहा है.

देश के पूर्वी हिस्सों में हरित क्रांति लाने के लिए मौजूदा बजट में 400 करोड़ की वृद्धि की जा रही है.

उन्होंने कहा है कि कृषि के लिए कर्ज़ को और आसान किए जाने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं.

प्रणब मुखर्जी ने एलान किया कि देश में 15 विशाल या मेगा फ़ूड पार्क बनाए जाएंगे.

खाद्दान्नों की भंडारन क्षमता में निजी और सार्वजनकि क्षेत्रों के सहयोग से भारी वृद्धि की जाएगी.

वित्त मंत्री ने कहा है कि सकल घरेलू उत्पाद की दर 8.6 प्रतिशत रहने की संभावना वहीं कृषि क्षेत्र में वृद्धि की दर 5.4 प्रतिशत होगी. सेवा क्षेत्र में उन्होंने कहा कि वृद्धि 9.6 प्रतिशतकी होगी. उद्दोग क्षेत्र में वृद्धि दर 8.1 प्रतिशत होने की संभावना है.

शिक्षा और स्वास्थ्य

उन्होंने शिक्षा बजट में 24 प्रतिशत की बढ़ोतरी का एलान किया है और कुल बजट को 52,057 करोड़ कर दिया है.

Image caption व्यावसायिक शिक्षा यानि सीधी पेशे से जुड़ी शिक्षा पर इस बजट में ज़ोर दिए जाने का एलान है.

इसमें प्राइमरी शिक्षा के लिए 21,000 करोड़ रूपए रखे जाएंगे.

उन्होंने राष्ट्रीय दक्षता विकास कोष में बढ़ोतरी का एलान किया है और कहा है कि देश में पंद्रह करोड़ दक्ष लोगों का लक्ष्य अब 2022 की जगह 2020 में ही पूरा हो जाएगा.

उन्होंने कहा कि इस साल 20,000 लोगों को प्रशिक्षित किया गया जिसमें 75 प्रतिशत लोगों को नौकरी मिल गई है.

अनुसूचित जनजाति के नवीं और दसवीं कक्षा के 40 लाख छात्रों को राजीव गांधी स्कॉलरशिप योजना में शामिल किया जाएगा.

स्वास्थ्य क्षेत्र के बजट में वित्त मंत्री ने 20 प्रतिशत बढ़ोतरी का एलान किया है और कुल बजट को बढ़ाकर 26,760 करोड़ का कर दिया है.

खदानों में काम करने वाले मजदूरों को भी राष्ट्रीय स्वास्थय योजना में शामिल किया जाएगा.

करों में छूट

प्रणब मुखर्जी ने कहा है कि आगामी वित्तीय वर्ष में बजट घाटे को 4.6 प्रतिशत पर लाने का लक्ष्य है. मौजूदा बजट घाटा 5.1 प्रतिशत का है.

वित्त मंत्री ने करों में छूट की सीमा को एक लाख साठ हज़ार से बढ़ाकर एक लाख अस्सी हज़ार बढ़ा दिया है.

उन्होंने कहा कि इस एलान से इस ब्रैकेट में आनेवाले सभी लोगों को दो हज़ार रूपए का फ़ायदा होगा.

वहीं सीनियर सिटिजंस की आयु सीमा को 65 से घटाकर 60 कर दिया है और उनकी छूट की सीमा को 2.40 लाख से बढ़ाकर 2.50 लाख कर दिया गया है.

अस्सी साल से ज़्यादा के नागरिकों के लिए छूट की सीमा को पांच लाख कर दिया गया है.

वित्त मंत्री ने कहा है कि कोशिश इस बात की है कि करों का भुगतान और वसूली दोनों को ही आसान बनाया जाए.

केंद्रीय एकसाइज़ करों में कोई बदलाव नहीं किया गया है.

सर्विस टैक्स रेट को भी बिना किसी बदलाव के 10 प्रतिशत पर रखा गया है.

130 उपभोक्ता सामग्रियों पर 1 प्रतिशत एकसाइज़ टैक्स लगाया जाएगा.

भ्रष्टाचार

ये बजट ऐसे समय में पेश किया जा रहा है जब एक ओर जनता मंहगाई से जूझ रही है और दूसरी ओर हर रोज़ करोड़ों के भ्रष्टाचार की कहानियां सामने आ रही हैं.

सरकार के सामने चुनौती है ऐसे माहौल में जनता का विश्वास हासिल करने की.

वित्त मंत्री ने कहा है कि भ्रष्टाचार का मुक़ाबला सभी पार्टियों को मिलजुलकर करना होगा.

विदेशी निवेश नीति को और लचीला बनाने का भी एलान किया है वित्त मंत्री ने.

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