जीएम राव ने दिया 1540 करोड़ का दान

  • 23 मार्च 2011
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Image caption जीएमआर वरलक्ष्मी फ़ाउंडेशन भारत और विदेशों में परोपकारी कार्यों में जुटी है.

भारत के दौरे पर आए बिल गेट्स और वॉरेन बफ़ेट जैसे दुनिया के बड़े दानकर्ता भारतीय उद्योगपतियों को भी प्रेरित करने में कामयाब हो रहे हैं.

भारतीय कंपनी जीएमआर के चेयरमैन जीएम राव ने घोषणा की है कि वो 1,540 करोड़ रुपए के एक फ़ंड का गठन कर रहे हैं जिसका इस्तेमाल उनकी कंपनी की चैरिटी जीएमआर वरलक्ष्मी फ़ाउंडेशन करेगी.

जीएमआर वरलक्ष्मी फ़ांउडेशन भारत और विदेशों में ग़रीब तबके के बीच शिक्षा और व्यावसायिक ट्रेनिंग देने का काम करती है.

जीएम राव ने मंगलवार को एक बयान में कहा, "मेरी हमेशा से ये सोच रही है कि समाज के लिए कुछ करना हमारी ज़िम्मेदारी है क्योंकि हमारी कामयाबी की वजह समाज ही है."

बंगलौर से चलाया जाने वाला जीएमआर समूह आधारभूत ढांचे से जुड़े व्यवसाय में है. ये कंपनी हवाई अड्डों,राजमार्गों और शहरी बुनियादी ढांचे के निर्माण के अलावा ऊर्जा के क्षेत्र में भी मौजूद है.

पिछले साल विप्रो के अज़ीम प्रेमजी ने 8846 करोड़ रुपए अपनी एक फ़ाउंडेशन के नाम कर दिए थे. ये अब भी किसी भारतीय द्वारा सबसे बड़ी दान राशि है.

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