विकास दर कुछ घटेगी, महँगाई का ख़तरा बढ़ेगा: एडीबी

चीन
Image caption चीन में विकास दर 2010 के 10.3 प्रतिशत से घटकर 2012 में 9.6 होगी: एडीबी

एशियाई विकास बैंक (एडीबी) ने एशियाई अर्थव्यवस्था के बारे में अगले दो साल के बारे में अनुमान लगाया है कि जापान को छोड़ कर, एशिया की विकास दर आठ प्रतिशत के आसपास रहेगी.

एडीबी ने अपनी ताज़ा रिपोर्ट में कहा है कि वर्ष 2010 के मुका़बले में विकास दर कुछ घटेगी लेकिन फिर भी मज़बूती से आगे बढ़ेगी.

बैंक ने आगाह किया है कि कई एशियाई अर्थव्यवस्थाओं के लिए महँगाई सबसे बड़ी चुनौती रहेगी जिससे सामाज में तनाव भी बढ़ सकता है.

भारत: 2012 में विकास दर 8.8 प्रतिशत

भारत के लिए अपने अनुमानों में एडीबी का कहना है भारतीय अर्थव्यवस्था वर्ष 2011 में घटकर 8.2 प्रतिशत तक गिरेगी, लेकिन वर्ष 2012 में ये आंकड़ा बढ़ कर 8.8 तक पहुंच जाएगा.

दूसरी ओर चीन की अर्थव्यवस्था की विकास दर कुछ घटेगी और वर्ष 2010 के 10.3 प्रतिशत के मुकाबले में वर्ष 2012 में 9.2 प्रतिशत होगी.

एडीबी का कहना है कि चीन और भारत ही क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था के प्रमुख इंजन रहेंगे.

एडीबी के मुख्य अर्थशास्त्री चेग्यॉंग री के अनुसार, "विश्व में आर्थिक मंदी के दौर में भी आर्थिक बढ़त दिखाने वाले विकासशील एशिया में चीन और भारत की अर्थव्यवस्थाओं के तेज़ी से फैलाव का दौर है. इन्ही के कारण क्षेत्रीय और वैश्विक अर्थव्यवस्था का विकास होगा."

जापान की अर्थव्यवस्था के बारे में उनका कहना था कि कुछ देर के लिए आई बाधाओं के बावजूद उन्हें उम्मीद है कि जापान के भूकंप का कुल मिलाकर एशिया पर न्यूनतम प्रभाव ही होगा.

उन्होंने ये भी कहा कि जापान में पुनर्निर्माण का काम शुरु होने पर वहां ज़रुरतें बढ़ेंगी, जिसका लाभ दूसरे देशों को होगा.

एडीबी के अनुसार जापान को छोड़कर, एशियाई अर्थव्यवस्था 2010 के नौ प्रतिशत के विकास दर के मुकाबले में 2011 में कुल मिलाकर 7.8 प्रतिशत की दर से और वर्ष 2012 में 7.7 प्रतिशत की दर से बढ़ेगी.

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