चीन को हुआ व्यापार घाटा

  • 10 अप्रैल 2011
चीन व्यापार
Image caption अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में चीन के तेज़ी से बढ़ते व्यापार को लेकर दुनियाँ की कई बड़ी अर्थव्यवस्थाए चिंतित रही हैं.

पिछले काफ़ी सालों से लगातार बढ़ते अंतरराष्ट्रीय व्यापार से दुनियाँ भर को परेशानी में डालने वाले चीन को पहली बार व्यापार घाटा का सामना करना पड़ रहा है.

इस साल की पहली तिमाही - जनवरी से मार्च; के दौरान पिछले छह सालों में पहली बार चीन का आयात उसके निर्यात से ज़्यादा था.

इन दोनों के बीच का फर्क़ एक अरब डालर बताया गया है.

पिछले साल चीन का व्यापार सरपल्स 14 अरब डालर था.

अधिकारियों का कहना है कि ये घाटा अस्थायी है.चीन के विशेषज्ञों ाक कहना है कि ये घाटा मौसमी रुख की वजह से है और ये लंबा नहीं चलेगा.

हालांकि अन्य विशेषज्ञों का मानना है कि इस घाटे की वजह चीन के घरेलू बाज़ार का मज़बूत होना है जिसके कारण वहां के लोग अधिक चीज़ें आयात कर रहे हैं.

जानकार इसकी वजह विश्व बाज़ार में वस्तुओं की तेज़ होती क़ीमतों को भी मानते हैं.

उनका कहना है कि इसका कारण चीन की बेहतर होती आर्थिक व्यवस्था भी है जिससे वहां के बाज़ार में दुनियाँ भर के माल की माँग बढ़ी है.

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