अरबपति राजारत्नम दोषी पाए गए

  • 12 मई 2011
राज राजारत्नम
Image caption राजारत्नम की व्यक्ति संपत्ति लगभग 1.3 अरब डॉलर मानी जाती है

अमरीका में अरबपति हेज फ़ंड मैनेजर राज राजारत्नम को न्यूयॉर्क में शेयर बाज़ार के नियमों के उल्लंघन के सबसे बड़े मामले में धोखाधड़ी और षड्यंत्र का दोषी पाया गया है. उन पर लगाए गए सभी 14 आरोपों को अदालत ने सही ठहराया है.

श्रीलंकाई मूल के राजारत्नम गैलियन ग्रुप हेज फंड के संस्थापक हैं और जब अक्तूबर 2009 में उनकी गिरफ़्तारी हुई थी तो इस फंड की कीमत लगभघ सात अरब डॉलर थी. माना जाता है कि राजारत्नम की संपत्ति लगभग 1.3 अरब डॉलर है और अमरीका, श्रीलंका, सिंगापोर में उनकी ख़ासी संपत्ति है.

उन्हें 29 जुलाई को सज़ा सुनाई जाएगी और सरकारी वकील प्रीत भरारा के अनुसार उन्हें 25 साल तक की जेल की सज़ा सुनाई जा सकती है.

अमरीकी वित्तीय नियमक संस्था का अनुमान है कि अवैध गुप्त जानकारी के आधार पर लगभग 6.3 करोड़ डॉलर का अवैध मुनाफ़ा हुआ.

हेज फंड ऐसा पूँजी निवेश फंड होता है जिसमें चुनिंदा लोग ही निवेश कर सकते हैं.

रजत गुप्ता पर अमरीकी नियामक संस्था का आरोप - पढ़िए

राजारत्नम पर 'इनसाईडर ट्रेडिंग' यानी अनधिकृत व्यापार के आरोप हैं. शेयर बाज़ार में जब किसी कंपनी के बारे में अंदर की जानकारी या सार्वजनिक न हुई विशेष जानकारी के आधार पर व्यापार होता है तो उसे 'इनसाईडर ट्रेडिंग' की संज्ञा दी जाती है. इसे शेयर बाज़ार के नियमों का उल्लंघन माना जाता है.

'अर्श से फ़र्श तक'

अभियोजन पक्ष के अनुसार शेयर बाज़ार के नियमों का उल्लंघन कर हिल्टन होटल और इंटेल समेत कई कंपनियों के बारे में इनसाईडर जानकारी के आधार पर अवैध तौर पर व्यापार हुआ.

न्यूयॉर्क के संघीय वकील ने इस मामले को 'इतिहास का सबसे बड़ा हेज फंड इनसाईडर ट्रेडिंग मामला' बताया है.

सरकारी वकील ने अदालत में कहा कि राजारत्नम को जेल भेजा जाना चाहिए क्योंकि उन्हें डर है कि वे अमरीका से फ़रार हो सकते हैं. लेकिन जज रिचर्ड जे हॉल्वेल ने उन्हें घर पर नज़रबंद रखने और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के ज़रिए उन पर नज़र रखने का आदेश सुनाया.

राजारत्नम ख़ुद को निर्दोष बताते हैं. जब जूरी का फ़ैसला सुनाया गया तो राजारत्नम के चेहरे पर कोई शिकन नहीं थी और वे ख़ामोश रहे.

बाद में उनके वकील जॉन दोद ने कहा कि वे इस फ़ैसले के ख़िलाफ़ अपील करेंगे.

ग़ौरतलब है कि पिछले 18 महीनों में इस मामले में दोषी पाए जाने वे 45वें अभियुक्त हैं और सबसे जाने-माने व्यक्ति हैं.

ऐसे ही मामले में भारतीय मूल के जाने-माने व्यवसायी रजत गुप्ता भी अभियुक्त हैं और उनके ख़िलाफ़ भी मामले दर्ज हैं.

राजारत्नम के ख़िलाफ़ एफ़बीआई ने वर्ष 2008 में फ़ोन टैप कर ख़ुफ़िया तरीके से जानकारी हासिल की थी. उन पर लगे आरोपों में सबसे गंभीर था कि दिन-दहाड़े उन्होंने कंपनियों और अपने साथियों के साथ गुप्त जानकारियों का लेनदेन किया.

हालफि़लहाल तक राजरत्नम न्यूयॉर्क शेयर बाज़ार के बेताज बादशाह माने जाते थे. भारी भरकम शरीर वाले राजरत्नम के बारे में कहा जाता है कि जब वे श्रीलंका से अमरीका आए थे तब उनके पास लगभग न के बराबर संपत्ति थी जबकि अब वे अरबों डॉलर की संपत्ति के मालिक हैं.

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