चौथी तिमाही में विकास दर घटी

स्टील उद्योग
Image caption वित्त वर्ष 2010-11 की आख़िरी तिमाही में विकास दर 7.8 प्रतिशत रही है.

भारत के आर्थिक विकास की दर इस साल मार्च में समाप्त हुए चौथी तिमाही में घटकर 7.8 प्रतिशत रह गई.

उत्पाद क्षेत्र के ख़राब प्रदर्शन को विकास दर में आई इस गिरावट की वजह माना जा रहा है.

जनवरी से मार्च के बीच पिछले साल समयावधि में विकास की दर 9.4 प्रतिशत दर्ज की गई थी.

हालांकि सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के आधार पर वर्ष 2010-11 की आर्थिक विकास की दर 8.5 प्रतिशत रही है जबकि वर्ष 2009-10 में ये दर आठ प्रतिशत रही थी.

पूरे वित्त वर्ष (2010-11) में इस आधे प्रतिशत के सुधार के लिए कृषि क्षेत्र, विनिर्माण और वित्तीय क्षेत्र के बेहतर प्रदर्शन को वजह माना जा रहा है.

गिरावट

इस साल 31 मार्च को ख़त्म हुई तिमाही में उत्पाद क्षेत्र में विकास की दर 5.5 प्रतिशत रह गई थी जबकि पिछले वर्ष 2009-10 के लिए विकास दर 15.2 प्रतिशत थी.

इसी तरह खनन क्षेत्र के विकास दर में भी पिछले साल के 8.9 प्रतिशत की तुलना में इस साल अंतिम तिमाही में गिरावट दर्ज की गई है और ये सिर्फ़ 1.7 प्रतिशत रह गई है.

व्यापार, होटेल, ट्रांसपोर्ट और संचार के क्षेत्र में वर्ष 2010-11 की अंतिम तिमाही में विकास दर 9.3 प्रतिशत रह गई थी जबकि पिछले वित्तीय वर्ष में विकास की दर 13.7 दर्ज की गई थी.

इसी तरह कई अन्य क्षेत्रों में वर्ष 2010-11 की अंतिम तिमाही में पिछले वर्ष की तुलना में विकास दर में गिरावट दर्ज की गई है.

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