ग्रीस के कर्ज़ संकट पर चिंता जारी

इमेज कॉपीरइट BBC World Service
Image caption एथेंस में बुधवार को इस साल तीसरी बार सरकार के आर्थिक प्रस्ताव के विरोध में प्रदर्शन हुए

आर्थिक संकट में घिरे ग्रीस के प्रधानमंत्री जॉर्ज पापेंद्रू को सरकारी ख़र्चे कम करने और टैक्स बढ़ाने के नए प्रस्तावों के बारे में समर्थन जुटाने के लिए मशक्कत करनी पड़ रही है.

अंतरराष्ट्रीय कर्ज़दाता चाहते हैं कि ये कटौतियाँ की जाएँ मगर ग्रीस में आम लोगों के अलावा स्वयं सत्ताधारी दल के भीतर इनका भारी विरोध हो रहा है.

वहाँ सत्ताधारी सोशलिस्ट पार्टी के दो सांसदों ने बुधवार को इस्तीफ़ा दे दिया था. इसी दिन एथेंस में ग्रीस सरकार की नीति के विरोध में इस साल का तीसरा और अब तक का सबसे बड़ा प्रदर्शन हुआ.

ग्रीक प्रधानमंत्री अपने प्रस्तावों के लिए समर्थन जुटाने की आशा के साथ अपने मंत्रिमंडल में फेरबदल करने जा रहे हैं.

ग्रीस के कर्ज़ अदा ना कर पाने को लेकर जारी अनिश्चय के कारण मुद्रा बाज़ार में डॉलर के मुक़ाबले यूरो का भाव गिर गया है और दुनिया भर के शेयर बाज़ारों में भी गिरावट देखी जा रही है.

अनुरोध

ग्रीस में जारी आर्थिक संकट को लेकर मतभेद कहीं राजनीतिक संकट में ना बदल जाए, इसे ध्यान में रखकर ग्रीस के राष्ट्रपति कारोलोस पापुलियास ने सांसदों से ज़िम्मेदारी से काम लेने का अनुरोध किया है.

वहीं यूरोपीय संघ के वित्तीय मामलों के कमिश्नर ओली रेन ने भी ग्रीस की स्थिति को लेकर जारी अनिश्चय पर चिंता जताई है.

यूरोपीय वित्तीय आयोग के प्रवक्ता ऐमेडिउ अल्तफ़ाज ने सभी ग्रीसवासियों से प्रधानमंत्री पापेंद्रू की नीतियों का समर्थन करने की अपील की है.

प्रवक्ता ने कहा,"हम चाहते हैं कि ग्रीक संसद जून के अंत तक आर्थिक सुधार कार्यक्रम को मंज़ूरी दे दे. ग्रीस का कर्ज़ अदा ना कर पाना उसके लिए घातक सिद्ध होगा और इसकी ज़िम्मेदारी सभी राजनीतिक शक्तियों पर है. अगले कुछ दिन ग्रीस और यूरोप की वित्तीय स्थिरता के लिए बेहद महत्वपूर्ण रहेंगे."

कटौती

इमेज कॉपीरइट BBC World Service
Image caption फ्रांस ने यूरोपीय नेताओं से ग्रीस के बारे में तत्काल सहमति बनाने का आह्वान किया है

यूरोपीय संघ और अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष ऋण संकट से उबरने के लिए ग्रीस की सहायता कर रहे हैं जिसपर पिछले साल मई में सहमति हुई थी.

आइएमएफ़-यूरोपीय संघ को ग्रीस को उबारने के लिए दूसरा सहायता पैकेज घोषित करना है.

मगर इसे लेकर सदस्यों में गहरे मतभेद हैं. जर्मनी सहित कई अन्य देश चाहते हैं कि ऐसे निजी बैंकों को भी सहायता राशि में योगदान करना चाहिए जिनके पास ग्रीस के सरकारी बॉण्ड जमा हैं.

मगर फ़्रांस और अन्य देशों का कहना है कि ऐसा करने से ग्रीस का कर्ज़ डूब सकता है जिसका असर समूची अंतरराष्ट्री वित्तीय व्यवस्था पर पड़ेगा.

फ़्रांस के राष्ट्रपति निकोला सारकोज़ी ने यूरोपीय नेताओं से ग्रीस की सहायता करने और यूरो क्षेत्र की स्थिरता बनाए रखने के लिए तत्काल मिल-बैठकर कोई सहमति बनाने का आग्रह किया है.

समझौते के तहत ग्रीस को अगले तीन साल में सरकारी ख़र्चों में भारी कटौती करनी है.

इसी उद्देश्य से ग्रीस सरकार 28 अरब यूरो की कटौती की एक योजना लागू करना चाहती है जो 2012 से 2015 तक प्रभाव में आएगी.

सहायता की अगली राशि – 12 अरब यूरो – हासिल करने के लिए ग्रीस को 29 जून तक नए कटौती प्रस्ताव की घोषणा करनी है.

संबंधित समाचार