मिट्टी के मोल बिक गई 'माईस्पेस'

Image caption रूपर्ट मरडॉक ने माईस्पेस को वर्ष 2005 में ख़रीदा था.

ख़बर है कि वर्ष 2005 में 58 करोड़ डॉलर में खरीदी गई माईस्पेस को न्यूज़ कॉर्पोरेशन ने क़रीब साढ़े तीन करोड़ डॉलर में बेच दिया है.

न्यूज़ कॉर्पोरेशन ने घाटे में चल रही अपनी सोशल नेटवर्किंग साइट माईस्पेस को ऑनलाइन विज्ञापन कंपनी स्पेसिफ़िक मीडिया को बेचा है.

रूपर्ट मरडॉक की कंपनी न्यूज़ कॉर्पोरेशन ने जब माईस्पेस को ख़रीदा था तब वो एक उभरती सोशल नेटवर्किंग वेबसाइट थी.

समझा जाता है कि फ़ेसबुक और ट्विटर जैसी प्रतिद्वंदियों के सामने माईस्पेस टिक नहीं पाई और घाटे में चली गई.

रॉयटर्स समाचार एजंसी के मुताबिक न्यूज़ कॉरपोरेशन की एक साइट पर लिखा है कि माईस्पेस की बिक्री साढ़े तीन करोड़ डॉलर में हुई है.

स्पेसिफ़िक मीडिया के मुताबिक पॉप स्टार और अभिनेता जस्टिन टिम्बरलेक की भी माईस्पेस में हिस्सेदारी होगी.

कंपनी ने बताया, “माईस्पेस की दिशा और विकास और में जस्टिन अहम भूमिका निभाएंगे.”

कैलिफोर्निया में स्थित कंपनी स्पेसिफ़िक मीडिया को 1999 में तीन भाइयों ने मिलकर शुरू किया था.

घाटा

न्यूज़ कॉर्पोरेशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी चेज़ कैरी ने नवंबर में कहा था कि माईस्पेस का घाटा 'अब निभाना मुश्किल है'.

हालांकि न्यूज़ कॉर्पोरेशन ने विशेष तौर पर माईस्पेस के घाटे की जानकारी सार्वजनिक नहीं की है लेकिन उसके अकाउंट्स में दूसरी तिमाही में सोशल नेटवर्क से जुड़ा घाटा 15 करोड़ 60 लाख डॉलर बताया गया है.

इंटरनेट पर पाठकों की संख्या का ब्यौरा जुटाने वाली कंपनी कॉमस्कोर के मुताबिक अगस्त 2005 में अमरीका में माईस्पेस का इस्तेमाल क़रीब दो करोड़ पाठक कर रहे थे, जबकि फ़ेसबुक का 83 लाख.

लेकिन मई 2011 में फेसबुक का इस्तेमाल करने वालों की संख्या बढ़कर 15 करोड़ से ज़्यादा हो गई थी जबकि माईस्पेस के ग्राहक साढ़े तीन करोड़ ही थे.

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