रिलायंस-बीपी सौदे को मंज़ूरी

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Image caption रिलायंस के 21 ब्लॉक्स में हिस्सेदारी ख़रीदेगा बीपी

क़रीब पाँच महीनों के इंतज़ार के बाद केंद्र सरकार ने भारतीय कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) और ब्रिटेन की कंपनी ब्रिटिश पेट्रोलियम (बीपी) के बीच सौदे को मंज़ूरी दे दी है.

इस सौदे के तहत बीपी रिलायंस इंडस्ट्रीज़ के तेल और गैस ब्लॉक में 30 फ़ीसदी हिस्सेदारी ख़रीदेगा. इसमें केजी-डी6 ब्लॉक समेत कुल 21 ब्लॉक हैं.

इसके लिए बीपी 7.2 अरब डॉलर की क़ीमत चुकाएगा. शुक्रवार को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने इस सौदे को हरी झंडी दे दी.

इस साल 23 फरवरी को ही रिलायंस ने बीपी को अपने तेल और गैस के 29 ब्लॉक्स में से 23 ब्लॉक्स में 30 फ़ीसदी हिस्सेदारी बेचने का फ़ैसला किया था.

मंज़ूरी

लेकिन आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने सिर्फ़ 21 ब्लॉक्स में हिस्सेदारी बेचने को मंज़ूरी दी.

केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री जयपाल रेड्डी ने सरकार के फ़ैसले की जानकारी देते हुए बताया कि तकनीकी कारणों से दो ब्लॉक्स की हिस्सेदारी बेचने को मंज़ूरी नहीं दी गई है.

इस समझौते से रिलायंस को गहरे पानी में खुदाई करने में माहिर बीपी की विशेषज्ञता का लाभ मिल पाएगा. ख़ासकर केजी-डी6 ब्लॉक में उसे मदद मिल सकती है.

दूसरी ओर मैक्सिको की खाड़ी में तेल रिसाव के कारण समस्याओं से जूझ रही बीपी को इस सौदे के कारण ऐसे बाज़ार में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने का मौक़ा मिलेगा, जहाँ ऊर्जा की मांग पाँच से आठ फ़ीसदी की दर से बढ़ रही है.

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