अमरीकी समझौते से दुनियाभर में राहत

शेयर बाज़ार
Image caption शेयर बाज़ारों में सकारात्मक रुख़ देखा गया है

अमरीका में क़र्ज़ लेने की सीमा को बढ़ाने को लेकर हुए समझौते का असर विश्व अर्थव्यवस्था और स्टॉक मार्केटों पर भी देखने को मिला है. अमरीका के ऋण संकट को लेकर समझौते ने पूरी दुनिया के बाज़ार को राहत दी है और बिल्कुल सकारात्मक परिणाम रहे हैं.

ब्रिटेन का शेयर मार्केट यानी एफ़टीएसई में 100 अंकों की बढ़त देखी गई है जबकि हांग सेंक इंडेक्स में एक प्रतिशत की बढ़ोतरी देखी गई है. ये शुरुआती रुझान हैं और देर शाम जब ये बाज़ार बंद होंगे तो पता चल सकेगा कि यूरोपीय बाज़ारों में समझौते का कितना असर पडा है.

भारत के शेयर बाज़ार में सोमवार को अमरीकी समझौते का असर साफ देखने को मिला है. बाज़ार 117 अंक ऊपर चढ़कर बंद हुआ है. बंबई स्टॉक एक्सचेंज़ में पिछले चार दिनों में 674 अंकों की गिरावट देखी गई थी लेकिन सोमवार को इसमें 117 अंक की बढ़ोतरी हुई है जो निवेशकों के लिए सुखद समाचार है.

ऑटो उद्योग, भारी मशीन और आईटी के शेयरों में ये उछाल देखा गया है. दिन में बाज़ार एक समय ढाई सौ अंक ऊपर गया था लेकिन अंत में बाज़ार 117 अंक ऊपर ही बंद हुआ. नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ने भी अच्छा प्रदर्शन किया और उसमें 34 अंकों की बढ़त देखी गई.

समझौता

अमरीका जो ऋण लेता है उसकी एक सीमा तय की जाती है और इसी सीमा को बढ़ाने को लेकर समझौता दोनों मुख्य दलों के बीच हुआ है. समझौते के बाद राष्ट्रपति ओबामा का कहना था, ‘‘अमरीका कड़े फैसले कर सकता है जो कि सुधारों और टैक्स से जुडे़ मामलों में बड़े समझौते कर सकता है.’’

अगर ये समझौता नहीं होता तो अमरीका किसी भी प्रकार का ऋण नहीं ले पाता और अपनी योजनाओं को आगे नहीं बढ़ा पाता जिससे अर्थव्यवस्था रुक जाती जिसका नुकसान पूरी दुनिया को उठाना पड़ता. इसलिए ये समझौता महत्वपूर्ण है.

बराक ओबामा ने कहा कि समझौते के तहत अगले 10 सालों में सरकारी ख़र्चो में एक खरब डालर की कमी की जाएगी. ओबामा ने एक समीति के गठन की भी घोषणा की जो ख़र्च में कटौती पर नवंबर तक एक रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी.

लेकिन दोनों दलों के बीच हुए इस समझौते को संसद की मंज़ूरी मिलनी है. उम्मीद की जा रही है कि इसे सोमवार तक संसद के दोनों सदनों के सामने पेश किया जा सकता है.

अमरीका को दो अगस्त तक कर्ज़ लेने की अपनी 14 खरब डालर की सीमा को बढ़ाना था वरन् इस बात का डर था कि वो ऋण की अदाएगी में चूक जाएगा.

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