विश्वभर में शेयर बाज़ारों में गिरावट

  • 5 अगस्त 2011
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Image caption यूरोपीय शेयर बाज़ारों में बैंकों के शेयरों में ख़ास गिरावट देखने को मिली है.

यूरोज़ोन संबंधी कर्ज़ संकट के बढ़ने और इसका असर इटली-स्पेन तक पहुंचने की आशंकाओं के बीच यूरोप और अमरीका सहित विश्वभर में शेयर बाज़ारों में गिरावट आ गई है.

न्यूयॉर्क के डाओ जोन्स सूचकांक में व्यापार में चार फीसदी से ज़्यादा की गिरावट दर्ज हुई, वहीं फ्रेंकफर्ट के डाक्स और लंदन के एफटीएसई सूचकांक लगभग 3.5 फीसदी की गिरावट पर बंद हुए.

यूरोपीय संघ की ओर से बाज़ारों को स्थिर रखने की तमाम कोशिशें नाकाम होती नज़र आ रही हैं.

शेयर बाज़ारों में आई इस गिरावट के बीच सोने के दामों में रिकॉर्ड वृद्धि दर्ज हुई है.

बाज़ारों में ये गिरावट यूरोपीय आयोग के अध्यक्ष जोस मैन्युल की उस चेतावनी के बाद आई जिसमें उन्होंने कहा था कि यूरोपीय देशों में कर्ज़ का ये संकट तेज़ी से फैल रहा है.

मैन्युल ने कई देशों के नेताओं को पत्र लिखकर कहा था कि बाज़ार में इस बात का विश्वास ज़रूरी है कि इस आर्थिक संकट से निपटने के लिए सभी ज़रूरी कदम उठाए जा रहे हैं.

चेतावनी

पिछले कुछ समय से कई यूरोपीय देश कर्ज़ चुकाने के संकट से जूझ रहे हैं और चिंता जताई जा रही है कि स्पेन और इटली भी इसकी चपेट में आ सकते हैं. इटली यूरोज़ोन की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था है.

हालांकि बीते सोमवार अमरीका में क़र्ज़ लेने की सीमा को बढ़ाने को लेकर हुए समझौते का विश्व अर्थव्यवस्था और शेयर बाज़ारों पर सकारात्मक असर देखने को मिला था.

अमरीका के ऋण संकट को लेकर समझौते ने पूरी दुनिया के बाज़ार को राहत दी थी.

बीबीसी के आर्थिक मामलों के संवाददाता एंड्रयू वॉकर के अनुसार यूरोप में सरकारों की ऋण संबंधी समस्याओं, बैंकों पर दबाव और विकास दर कमज़ोर होने की संभावनाओं की वजह से यूरोप शेयर बाज़ार के व्यापारियों की चिंता का केंद्र बन गया है.

इसी कारण यूरोपीय शेयर बाज़ारों में बैंकों के शेयरों में ख़ास गिरावट देखने को मिली है. और यही हाल रहा तो आने वाले समय में यूरोप में आयात की मांग घटेगी. इसी चिंता के कारण एशिया और अमरीका के शेयर बाज़ार भी दबाव में आ गए हैं.

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