शेयर बाज़ार में हड़कंप, सेंसेक्स 17 हज़ार से नीचे

  • 5 अगस्त 2011
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज
Image caption बीएसई सूचकांक एक बार तो 17 हज़ार के नीचे चला गया था

अमरीकी और यूरोपीय बाज़ारों में आई गिरावटों के बाद भारतीय शेयर बाज़ार भी धराशाई हो गया है. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सूचकांक 700 अंक नीचे लुढ़ककर 17000 के नीचे चला गया.

30 संवेदी शेयरों का सूचकांक चार प्रतिशत गिर गया और दोपहर के सत्र के बाद सूचकांक 16,990.91 तक जा पहुँचा.

कहा जा रहा है कि अमरीका में आर्थिक मंदी से उबरने की उम्मीद से कम गति की आशंका और यूरोपीय देशों में कर्ज़ की गंभीर होती स्थिति की वजह से शेयर बाज़ार में गिरावट आई है.

विशेषज्ञ कह रहे हैं कि बाज़ार की ये उथल-पुथल अभी कई हफ़्तों तक बनी रह सकती है.

ढाई लाख करोड़ का नुक़सान

अनुमान लगाया जा रहा है कि साढ़े तीन घंटों के व्यवसाय में निवेशकों और शेयरों की क़ीमतों में हुई कमी को मिलाकर कुल ढाई लाख करोड़ नुक़सान हुआ है.

शेयर बाज़ार शुक्रवार को 483 अंकों की गिरावट के साथ ही खुला था और थोड़ी देर बाद कुछ सुधार हुआ लेकिन फिर गिरकर 17000 के आंकड़े से नीचे चला गया.

मई, 2010 के बाद सूचकांक पहली बार 17000 के नीचे गया. हालांकि थोड़ी देर बाद एक बार फिर से बाज़ार ऊपर आ गया और साढ़े 12 बजे ये 17,057.92 पर था.

इसी तरह की गिरावट निफ़्टी में भी देखने को मिली और वहाँ सूचकांक 127.40 अंक गिरकर छह महीनों के निचले स्तर 5,203.15 तक जा पहुँचा है.

हालांकि कारोबार शुरु होते ही ये आंकड़ा 5,184.50 तक गिरा था.

इससे पहले निफ़्टी का सूचकांक 11 फ़रवरी, 2011 को इस स्तर पर था.

शुक्रवार को आई इस गिरावट में आरआईएल, आरकॉम, टीसीएस, इंफ़ोसिस, स्टरलाइट, डीएलएफ़, टाटा मोटर्स, एमएंडएम को सबसे ज़्यादा नुक़सान हुआ है.

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