ईसीबी ने की बॉंड खरीदने की घोषणा

आर्थिक संकट से निपटने और विश्वभर के शेयर बाज़ारों में मचे हड़कंप को दूर करने के लिए यूरोपीयन सेंट्रल बैंक (ईसीबी) की आपात बैठक में तय किया गया है कि बैंक कर्ज़ संकट से जूझ रही यूरोज़ोन की सबसे खस्ताहाल अर्थव्यवस्थाओं के कर्ज़ बॉंड खरीदने की शुरुआत करेगा.

माना जा रहा हे कि ये अर्थव्यवस्थाएं इटली और स्पेन हैं.

ईसीबी के इस फैसले को सोमवार को बाज़ार खुलने से पहले बाज़ारों को राहत देने की कार्रवाई माना जा रहा है.

इससे पहले फ्रांस और जर्मनी के नेता, निकोलस सार्कोज़ी और एंजेला मर्केल ने कहा था कि यूरोज़ोन में स्थिरता के लिए ईसीबी की ओर से उठाए जाने वाले क़दमों को पिछले महीने मिली यूरोपीय नेताओं की हरी झंडी का समर्थन करते हैं.

दोनों नेताओं ने इटली और स्पेन की ओर से अपने खर्चों में कटौती की घोषणा का भी स्वागत किया था.

बॉड ख़रीदने की शुरुआत?

हालांकि जर्मनी बॉंड खरीदे जाने के प्रस्ताव का विरोध करता रहा है क्योंकि उसका मानना है कि ईसीबी की ओर से बॉंड खरीदे जाने से पहले इटली को अपने खर्चों में सख्त कटौती करनी चाहिए.

इटली-स्पेन द्वारा जारी क़र्ज़ के बॉंड ख़रीदने के ज़रिए बैंक का मकसद यूरोज़ोन की अर्थव्यवस्थाओं में निवेशकों का विश्वास बरक़रार रखना है.

यूरोप की अर्थव्यवस्थाओं में मची खलबली के बीच और अमरीका की क्रेडिट रेटिंग में आई गिरावट से सकते में आये जी-7 मुल्कों के वित्त प्रमुख भी आपस में इस मसले पर चर्चा करने वाले हैं.

डर ख़त्म करने की कोशिश

यूरोज़ोन में मची हलचल से दुनिया भर के बाज़ार पहले ही परेशान थे कि अमरीका की क्रेडिट रेटिंग गिरने से उनकी चिंताएं और गहरा गईं. जानकारों का कहना है कि जी-7 में शामिल दुनिया के सात सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के वित्त मंत्री इस समय सबसे पहले दुनिया के बाज़ारों में फैली आशंकाओं को सोमवार सुबह को बाज़ार खुलने के पहले शांत करने की कोशिश करेगें.

क्रेडिट रेटिंग एजेंसी स्टैण्डर्ड एंड पूअर्स ने शुक्रवार को अमरीका की क्रेडिट रेटिंग इतिहास में पहली बार उच्चतम एएए से गिरा कर एए+ कर दी थी.

इस सबके बीच पूरी दुनिया में अफवाहें आम हैं की यूरो ज़ोन की बड़ी अर्थव्यवस्थाएं क़र्ज़ के संकट में फंस सकतीं हैं.

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