यूरोपीय शेयर बाज़ारों में सुधार

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एशियाई बाज़ारों में हुई भारी गिरावट के बाद यूरोपीय बाज़ार संभल कर खुले. यूरोपीय बाज़ारों में पहले तो गिरावट आई लेकिन बाद में इसमें सकारात्मक रुख़ देखा गया और ज़्यादातर बाज़ार बढ़ोत्तरी के साथ बंद हुए.

दूसरी ओर अमरीकी शेयर बाज़ार सकारात्मक रुख़ पर खुले हैं.

भारत के शेयर बाज़ार में गिरावट का दौर जारी है. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के निफ़्टी में लगातार दूसरे दिन गिरावट जारी रही.

लेकिन सबसे ज़्यादा प्रभावित हुए जापान, दक्षिण कोरिया और हांगकांग के शेयर बाज़ार. जापान के निकेई में 1.7 फ़ीसदी, दक्षिण कोरिया के कोप्सी में 3.6 प्रतिशत और हांगकांग के हांगसेंग में 2.8 फ़ीसदी की गिरावट आई.

सोमवार को हुई भारी गिरावट के बाद अमरीका का डाओ जोन्स 1.2 फ़ीसदी बढ़ोत्तरी के साथ खुला.

उठा-पटक

एशियाई बाज़ारों में हुई गिरावट के बाद यूरोपीय बाज़ार भी शुरुआत में काफ़ी गिरे. लेकिन फिर संभलना शुरू हुए और आख़िरकार ज़्यादातर बाज़ार बढ़ोत्तरी के साथ बंद हुए.

लंदन के एफ़टीएसई एक समय 5.5 फ़ीसदी गिर गया था लेकिन आख़िरकार 1.9 फ़ीसदी बढ़ोत्तरी के साथ बंद हुआ. फ़्रांस का सीएसी दो फ़ीसदी चढ़कर बंद हुआ लेकिन जर्मनी का डैक्स 0.1 प्रतिशत नीचे गिरकर बंद हुआ.

भारत में भी मंगलवार को जैसे ही मुंबई शेयर बाज़ार का कारोबार शुरु हुआ. बीएसई एक बार तो 417 अंक नीचे गिर गया. लेकिन बाद में उसमें कुछ सुधार आया. आख़िरकार बीएसई का सेंसेक्स 132 अंकों की गिरावट के साथ 16858 पर बंद हुआ.

जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ़्टी 48 अंक नीचे गिरकर 5069 पर बंद हुआ.

सोमवार को अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के भरोसा दिलाने के प्रयासों के बावजूद डाओ जोन्स सूचकांक में 5.6 प्रतिशत और नैसडैक में 6.9 प्रतिशत की गिरावट दर्ज हुई थी.

ग़ौरतलब है कि राष्ट्रपति ओबामा ने कहा था, "बाज़ार चढ़ेंगे और गिरेंगे. लेकिन ये अमरीका है. कोई एजेंसी कुछ भी कहे हम हमेशा से ट्रिपल ए रेटिंग के देश थे और हमेशा ही रहेंगे."

क्रेडिट रेटिंग एजेंसी स्टैंडर्ड एंड पूअर्स की ओर से अमरीका की क्रेडिट रेटिंग को शुक्रवार को घटा दिया गया था. क्रेडिट रेटिंग के मूल्यांकन पर निर्भर करता है कि उधार लेने वाले देश की माली हालत कैसी है और उसकी उधार लौटाने की क्षमता कितनी है.

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