सहारा वापस करेगा पैसे

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Image caption सहारा ने अपनी लेनदारियां समय से पहले वापस करने की घोषणा की.

सहारा इंडिया फाइनेंशियल कारपोरेशन ने कंपनी की विभिन्न योजनाओं में निवेश करने वालों के 73000 करोड़ रुपए इसी वर्ष दिसंबर महीने तक वापस कर दिए जाएंगे.

रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया ने सहारा को निर्देश दिया था कि वो निवेशकों का पैसा वर्ष 2015 तक लौटाए लेकिन सहारा ने इस सीमा से चार वर्ष पहले ही सारा पैसा लौटाने की घोषणा कर दी है.

सहारा की इस घोषणा से बाज़ार में हलचल है क्योंकि यह राशि भारत के सकल घरेलू उत्पाद का एक प्रतिशत माना जा सकता है.

सहारा इंडिया फाइनेंशियल लिमिटेड, एक नॉन बैंकिंग कंपनी है जो पिछले कई वर्षों से वित्तीय डिपाज़िट योजनाएं चला रही थी लेकिन अब नॉन बैंकिंग कंपनियों पर लोगों से पैसा लेने पर रिज़र्व बैंक ने अब रोक लगा दी है. पूर्व में अपने एक निर्देश में रिज़र्व बैंक ने कहा था कि सहारा उन सभी लोगों के पैसे वापस करे जिनसे योजनाओं के तहत निवेश कराया गया है.

बैंक ने इसके लिए 2015 की समय सीमा निश्चित की थी.

सहारा ने इस संबंध में अख़बारों के पहले पन्ने पर विज्ञापन भी दिया है और पैसा डिपाज़िट कर चुके लोगों से कहा है कि वो दिसंबर से पहले अपने पैसे कंपनी से ले लें.

कंपनी से इस फ़ैसले का कोई कारण नहीं बताया है लेकिन विश्लेषकों का मानना है कि सहारा इंडिया जल्दी ही बैंकिंग के लाइसेंस के लिए आवेदन करेगा.

इसी कारण सहारा ने संभवत लेनदारियों समय से पहले देने की घोषणा की है.

कंपनी का कहना है कि 73000 करोड़ रुपए देने के बाद उनकी कोई लेनदारी नहीं रहेगी.

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