सुज़ूकी-फ़ोक्सवैगन की बीच ठनी

  • 12 सितंबर 2011
फ़ोक्सवैगन का कारखाना इमेज कॉपीरइट AP
Image caption फ़ोक्सवैगन ने 2009 में सुज़ूकी में 19.9 प्रतिशत हिस्सेदारी ख़रीदी थी

जर्मनी की कार बनाने वाली कंपनी फ़ोक्सवैगन ने अपनी सहयोगी जापानी कंपनी सुज़ूकी पर सहयोग अनुबंध का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है.

फ़ोक्सवैगन का आरोप है कि सुज़ूकी का इतालवी कंपनी फ़िएट से डीज़ल इंजन लेने का सौदा फ़ोक्सवैगन-सुज़ूकी के सहयोग अनुबंध का उल्लंघन है.

जापानी कंपनी सुज़ूकी ने हाल में हंगरी में बनने वाली अपनी एसएक्स-4 क्रॉसोवर गाड़ी के लिए फ़ीएट से डीज़ल इंजन लेने का सौदा किया है.

दिसंबर 2009 में फ़ोक्सवैगन ने सुज़ूकी में 2.3 अरब डॉलर का निवेश किया था जिससे सुज़ूकी में उसका हिस्सा 19.9 प्रतिशत हो गया है.

उल्लंघन नहीं हुआ: सुज़ूकी

फ़ोक्सवैगन ने एक बयान में कहा, "फ़ोक्सवैगन को इस क़दम पर अफ़सोस है. हमने सुज़ूको को सुझाव दिया है कि उससे इस मुद्दे पर चर्चा हो सकती है."

उधर सुज़ूकी ने इस आरोप का खंडन किया है कि उसने अनुबंध का उल्लंघन किया है.

सुज़ूकी के प्रवक्ता हिडेकी टागुची ने कहा, "हम इस बात की पुष्टि कर सकते हैं कि हमने अनुबंध का उल्लंघन नहीं किया है."

सुज़ूकी वर्ष 2006 से एसएक्स-4 क्रॉसोवर के लिए फ़ीएट से डीज़ल इंजन ख़रीद रही है.

पर्यवेक्षकों का कहना है कि सुज़ूकी ने इन नए इंजनों को कारों में लगाना की प्रक्रिया भी शुरु कर दी है और अब डीज़ल इंजन के सप्लायर को बदलने के मतलब होगा कि सुज़ूकी और ख़र्चा करे.

सीएलएसए एशिया पेसिफ़िक मार्केट्स के पर्यवेक्षक क्रिस्टोफ़र रिकेटर ने बीबीसी को बताया, "इन वाहनों में फ़ोक्सवैगन के इंजन लगाने के लिए डिज़ाइन को काफ़ी हद तक बदलना होगा. इसके लिए सुज़ूकी को काफ़ी ज़्यादा ख़र्चा करना होगा."

सुज़ूकी ये भी कह चुकी है कि फ़ोक्सवैगन जिस तकनीक का इस्तेमाल कर रही है उसकी कीमत अधिक है.

पर्यवेक्षक मानते हैं कि इस सूरत में या तो सुज़ूकी को प्रति वाहन अपने लाभ को घटाना होगा या फिर ग्राहक से अधिक कीमत वसूल करनी होगी और ये दोनों ही विकल्प व्यावहारिक नहीं हैं.

पर्यवेक्षक क्रिस्टोफ़र रिकेटर का मानना है कि सुज़ूकी जिन बाज़ोरों में अपने मॉडल बेच रही है वहाँ वाहन की कीमत सफ़लता में अहम भूमिका निभाती है.

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