विकसित देशों में मंदी का ख़तरा बढ़ा: आईएमएफ़

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने अमरीका और यूरोज़ोन के देशों को चेतावनी दी है और कहा है कि उन पर एक बार फिर मंदी में जाने का ख़तरा मँडरा रहा है.

आईएमएफ़ का कहना है कि अगर ऐसा हुआ तो अन्य देशों की अर्थव्यवस्थाओं पर भी व्यापक असर पड़ेगा.

आईएमएफ़ का अनुमान है कि अंतरराष्ट्रीय अर्थव्यवस्था एक ख़तरनाक दौर में प्रवेश कर गई है.

संगठन ने यूरोपीय नेताओं से अनुरोध किया है कि आर्थिक संकट से निपटने के लिए उन्होंने जो क़दम उठाने के वादे किए हैं, उसे पूरा करें.

आईएमएफ़ ने ये भी कहा है कि यूरोपीय सेंट्रल बैंक को ब्याज़ दरों में कटौती के लिए तैयार रहने को कहा है.

रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि अमरीका में जल्दबाज़ी में की जा रही कटौतियों से आर्थिक परिदृश्य और कमज़ोर होगा.

बीबीसी संवाददाता एंड्रयू वॉकर का कहना है कि ऐसा नहीं है कि आईएमएफ़ इन विकसित देशों में निश्चित रूप से मंदी की बात कर रहा है, लेकिन मंदी का ख़तरा बढ़ गया है.

आईएमएफ़ की रिपोर्ट में कहा गया है कि एशिया की कई अहम अर्थव्यवस्थाएँ अंतरराष्ट्रीय मांग के मद्देनज़र पर्याप्त क़दम नहीं उठा रही हैं. ये बात ख़ास तौर पर चीन के लिए कही गई है.

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