आर्थिक संकट पर आईएमएफ़ की नई चेतावनी

Image caption यूरोपीय संघ और अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष के पर्यवेक्षक इस हफ़्ते एथेंस जानेवाले हैं

अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष की प्रमुख का कहना है कि अगर मौजूदा आर्थिक संकट गहराता है तो उससे उबरने के लिए संगठन को क़ाफ़ी ज़्यादा पैसों की ज़रूरत होगी.

आईएमएफ़ प्रमुख क्रिस्टीन लगार्ड ने कहा कि आईएमएफ़ की कर्ज़ देने की मौजूदा क़रीब 400 अरब डॉलर की क्षमता आज की परिस्थितियों में पर्याप्त लगती है लेकिन यूरोज़ोन में कर्ज़ का संकट अगर बढ़ता है तो कर्ज़ की सभी मांगों को पूरा करने में संगठन को मुश्किल हो सकती है.

विश्व के नेता सार्वजनिक रूप से कह चुके हैं कि ग्रीस अगर अपना कर्ज़ नहीं चुका पाता तो ऐसी स्थिति से निपटने के लिए उनके पास कोई योजना नहीं है.

लेकिन ख़बरों के मुताबिक़ एक ऐसी योजना पर भी काम चल रहा है कि ग्रीस अपने कर्ज़ को चुका पाने में असमर्थ रहे और यूरोज़ोन में बना रहे.

पीछे चली जाएगी अर्थव्यवस्था

क्रिस्टीन लगार्ड इसी हफ़्ते ग्रीस के वित्त मंत्री इवांजेलोस वेनीज़ेलोस से मुलाक़ात करने वाली हैं.

ग्रीस के अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक संबंध मंत्री कॉन्सटेंटाइन पापादोपोउलोस ने कहा कि यूरोज़ोन को छोड़ना ग्रीस के लिए बड़ा संकट साबित होगा. उन्होंने कहा, ''व्यक्तिगत रूप से मुझे लगता है कि यूरोज़ोन को छोड़ने से ग्रीस साठ या सत्तर के दशक में पहुंच जाएगा.''

इसी हफ़्ते यूरोपीय संघ और अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष के अधिकारी ग्रीस की आर्थिक घाटे को कम करने की योजनाओं की समीक्षा के लिए एथेंस पहुंचने वाले हैं.

Image caption आईएमएफ़ प्रमुख क्रिस्टीन लगार्ड ने संगठन के कोष को लेकर जताई चिंता

पिछले साल मई में हुए समझौते के मुताबिक़ फ़िलहाल ग्रीस को आर्थिक संकट से उबरने के लिए पैसे दिए जा रहे हैं.

ख़तरा

लेकिन यूरोपीय संघ और अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष के अधिकारी अगर देश की आर्थिक स्थिति की समीक्षा के बाद ये निष्कर्ष देते हैं कि ग्रीस ख़र्च में कटौती के लक्ष्यों को पूरा नहीं कर पा रहा है तो उसे दी जाने वाली आर्थिक मदद की अगली किश्त ख़तरे में पड़ सकती है.

विश्लेषक मानते हैं कि इसकी संभावना बहुत ज़्यादा है.

इस महीने की आर्थिक मदद की किश्त के बिना ग्रीस अगले महीने अपने कर्ज़ की अदायगी करने में असमर्थ हो जाएगा.

इसी साल जुलाई में यूरोपीय संघ और आईएमएफ़ ग्रीस को एक और राहत पैकेज देने पर सहमत हुए थे लेकिन यूरोज़ोन के कई देशों की संसद ने अभी तक इसे अपनी स्वीकृति नहीं दी है.

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