समझौते के बाद मारुति की हड़ताल ख़त्म

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Image caption कर्मचारी यूनियन प्रबंधन की शर्तों का विरोध कर रहे थे

भारत के सबसे बड़े कार निर्माता मारुति सुज़ुकी ने दावा किया है कि वहाँ एक महीने से चल रही कर्मचारियों की हड़ताल शनिवार को ख़त्म हो गई है.

इस बीच मारुति के उत्पादन में भारी कमी आई है.

मारुति के हरियाणा के मानेसर स्थित संयंत्र में गत 29 अगस्त को कर्मचारियों ने हड़ताल कर दी थी.

दरअसल कंपनी कर्मचारियों से एक लिखित आश्वासन चाहती थी. मारुति प्रबंधन के मुताबिक आश्वासन में सभी कर्मचारियों से अनुशासन से काम करने, अपनी किसी भी मांग के लिए काम की रफ़्तार कम ना करने और हड़ताल ना करने की बात कही गई थी.

और मारुति के कर्मचारियों को ये मंज़ूर नहीं था.

हड़ताल ख़त्म

समाचार एजेसी एएफ़पी ने मारुति के चेयरमैन आरसी भार्गव ने कहा, "हम ख़ुश हैं, सभी लोग ख़ुश है कि हड़ताल अब ख़त्म हो गई है."

उनका कहना था, "कई घंटों की बातचीत के बाद एक समझौता हो गया है और सोमवार से पूरी रफ़्तार से काम शुरु हो जाएगा."

उनका कहना है कि ये सहमति हो गई है कि काम पर जाने से पहले सभी कर्मचारी 'अच्छे आचरण' की सहमति पत्र पर हस्ताक्षर करना होगा.

आरसी भार्गव ने कहा, "हर किसी को अच्छे आचरण की सहमति पर हस्ताक्षर करना होगा और हम उन सभी 18 प्रशिक्षुओं को काम पर वापस ले लेंगे जिनको काम से निकाल दिया गया था."

मारुति कर्मचारी यूनियन एमएसईयू के संगठन सचिव अरविंद के अनुसार समझौता हो गया है और सभी कर्मचारी अच्छे आचरण के समझौते पर हस्ताक्षर करेंगे.

जबकि समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने कहा है कि समझौते के तहत हड़ताल के दौरान काम न करने वाले कर्मचारियों को तनख़्वाह नहीं दी जाएगी.

कर्मचारी यूनियन ने कहा है कि 44 स्थाई कर्मचारियों की बर्खास्तगी को निलंबन में बदलने पर समझौता हुआ है.

नुक़सान

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Image caption हड़ताल की वजह से बाज़ार में मारुति की स्थिति पर विपरीत असर पड़ा है

कंपनी के प्रवक्ता के अनुसार इस हड़ताल की वजह से मारुति को 22 हज़ार कारों के निर्माण रुक गया है जिससे 14.7 करोड़ डॉलर (लगभग सात सौ करोड़ रुपयों) का नुक़सान हुआ है.

इससे पहले जून में हुए हड़ताल से कंपनी को 9.3 करोड़ डॉलर (लगभग 430 करोड़ रुपयों) का नुक़सान हुआ था.

इस बीच शनिवार को जारी हुए आंकड़ों के अनुसार सितंबर में मारुति की बिक्री में 20.8 प्रतिशत की गिरावट आई है.

पिछले साल भारतीय बाज़ार में मारुति कारों का 55 प्रतिशत पर हिस्सा था लेकिन इस साल ये घटकर 45 प्रतिशत रह गया है.

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