16000 से नीचे आया सेंसेक्स

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Image caption एसबीआई के अलावा रिलायंस और ऑटो उद्योग के शेयरों में भी गिरावट हुई है

यूरोपीय अर्थव्यवस्था की ख़स्ता हालत और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की रेटिंग कम किए जाने का बुरा असर बांबे स्टॉक एक्सचेंज पर हुआ है.

बाज़ार में गिरावट का दौर बुधवार को जारी रहा और बाज़ार 300 अंक नीचे गिर कर 16000 से नीचे चला गया.

दिन में एक समय बाज़ार 400 अंक गिरकर 15700 के स्तर पर चला गया था लेकिन फिर कुछ संभल कर आखिरकार 15864 पर बंद हुआ.

सेंसेक्स में लगातार तीसरे दिन ये गिरावट हुई है.

इस वर्ष अब तक बांबे स्टॉक एक्सचेंज़ में 20 प्रतिशत की गिरावट आ चुकी है.

इसमें सबसे अधिक गिरावट पिछले तीन महीनों में देखी गई है.

लंबे समय के बाद सेंसेक्स एक बार फिर 16000 से नीचे आ गया है और यह निवेशकों के लिए बुरी ख़बर बन सकता है.

उल्लेखनयी है कि 2008 में अमरीकी मंदी के दौरान शेयर बाज़ार 21 हज़ार से नीचे गिरकर 8000 तक चला गया था. हालांकि बाद में बाज़ार संभल कर 18000 तक गया था.

पिछले तीन वर्षों में बाज़ार स्थिर रहा है लेकिन अब पिछले कुछ महीनों में इसमें लगातार गिरावट देखी जा रही है.

जैसे जैसे यूरोप और अमरीका में मंदी से जुड़ी खबरें पुष्ट हो रही हैं वैसे वैसे बाज़ार लगातार नीचे गिर रहा है.

उधर भारत के प्रतिष्ठित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की क्रेडिट रेटिंग कम होने से उसके शेयरों पर बुरा असर पडा है जिसका असर मार्केट पर भी हुआ है.

मूडी ने एसबीआई की रेटिंग सी से गिराकर डी प्लस कर दी है. मंगलवार को आई इस खबर के पास बुधवार को एसबीआई के शेयरों में भी तेज़ गिरावट हुई है.

दोपहर दो बजे बाज़ार 15885 पर था जो 300 अंक की गिरावट थी जबकि दिन में बाज़ार 15745 तक गिर चुका था.

निवेश एजेंसी मूडी ने एसबीआई की स्टैंडएलोन रेटिंग कम कर दी है.

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