शेयर बाज़ार लगातार चौथे दिन गिरा

  • 5 अक्तूबर 2011
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज इमेज कॉपीरइट BBC World Service
Image caption बीएसई में सेंसेक्स पिछले एक वर्ष में 23 प्रतिशत गिर चुका है

बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) में लगातार चौथे सत्र में गिरावट आई और बुधवार को सेंसेक्स 0.5 प्रतिशत की गिरावट के साथ पिछले 20 महीनों के न्यूनतम स्तर पर चला गया.

मूडी की ओर से स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया (एसबीआई) की रेटिंग गिराए जाने का असर लगातार दूसरे दिन बाज़ार पर दिखता रहा. बैंकिंग और दूसरे वित्तीय संस्थानों के शेयरों की भारी बिकवाली के बाद बाज़ार मंगलवार के मुक़ाबले नीचे बंद हुए.

बीएसई में 30 शेयरों का संवेदी सूचकांक 0.46 प्रतिशत गिरकर 15,792 अंकों पर बंद हुआ. पाँच फ़रवरी, 2010 के बाद से बीएसई में ये सबसे बड़ी गिरावट है.

जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (निफ़्टी) के पचास संवेदी शेयरों का सूचकांक 20.85 अंक गिरकर 4,751.30 पर बंद हुआ.

'नई ख़रीदी नहीं'

हालांकि बाज़ार खुलने के बाद 1.1 प्रतिशत की मामूली बढ़त दिखी थी लेकिन फिर गिरावट का दौर शुरु हो गया. बाज़ार में पिछले तीन सत्रों में पाँच प्रतिशत का नुक़सान पहले ही हो चुका था.

मंगलवार को बाज़ार बहुत समय बाद सोलह हज़ार के आंकड़े से नीचे गया था और 15,864 पर बंद हुआ था.

समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार टॉरस एसेट मैनेजमेंट के प्रबंध निदेशक आरके गुप्ता का कहना है, "नई ख़रीदी तो हो ही नहीं रही है. जो भी हलचल दिख रही है वह ऑपरेटर के ज़रिए संचालित हो रही है. जब तक निवेशक ख़रीददारी नहीं करेंगे, मुझे नहीं लगता कि हम बाज़ार में फिर से उछाल देख सकेंगे."

एजेंसी का कहना है कि इस वर्ष सेंसेक्स में 23 प्रतिशत की गिरावट आई है और इसने बीएसई को दुनिया के सबसे ख़राब प्रदर्शन करने वाले शेयर बाज़ारों में से एक बना दिया है. विदेशी निवेशकों की कम होती दिलचस्पी, बढ़ते ब्याज़ दर और सरकारी नीतियों को प्रभावित करने वाले एक के बाद एक कई घोटाले इसकी वजह बने हैं.

विदेशी निवेशकों ने वर्ष 2010 में कुल 29.3 अरब डॉलर की ख़रीदी की थी लेकिन इस साल वो अब तक 30 करोड़ डॉलर की बिकवाली कर चुके हैं.

आश्वासन काम न आया

हालांकि बुधवार की सुबह एसबीआई के प्रमुख प्रतीप चौधरी ने ये आश्वासन दिया कि इस वित्तीय वर्ष में सरकार की ओर से दो अरब डॉलर तक की राशि डाली जा सकती है.

लेकिन इस आश्वासन से एसबीआई के शेयरों में गिरावट को नहीं रोका जा सका और इसके शेयर में 3.9 प्रतिशत की गिरावट दर्ज किया गया.

वैसे नुक़सान दूसरे बैंकों के शेयरों को भी हुआ क्योंकि बुधवार को आईसीआईसीआई के शेयरों में 2.7 और एचडीएफ़सी के शेयरों में 2.3 प्रतिशत की गिरावट दर्ज हुई.

बैंकिंग सेक्टर के शेयरों में 2.4 प्रतिशत की औसत गिरावट दर्ज हुई.

संबंधित समाचार