निर्यातकों को 1700 करोड़ का तोहफ़ा

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Image caption आनंद शर्मा ने कहा कि भारत में औद्योगिक उत्पाद में कमी चिंता का विषय बना हुआ है.

वैश्विक बाजारों में मंदी का सामना कर रहे देश के निर्यातक समुदाय को सरकार ने दीवाली के मौक़े पर क़रीब 900 करोड़ रुपए के प्रोत्साहन उपायों की घोषणा करते हुए ब्याज सब्सिडी सहित कुल मिलाकर 1700 करोड़ रुपए का तोहफ़ा दिया है.

रिज़र्व बैंक ने हस्तशिल्प, हथकरघा, कालीन और लघु और मझौली इकाइयों के लिए पहले ही रुपए में ऋण पर दो फ़ीसदी ब्याज सब्सिडी को मंज़ूरी दे दी है.

सरकार की घोषणाओं और रिज़र्व बैंक की ब्याज सब्सिडी सहायता सहित कुल मिलाकर निर्यातकों को दीवाली के मौक़े पर 1700 करोड़ रुपए का प्रोत्साहन पैकेज उपलब्ध होगा.

वाणिज्य और उद्योग मंत्री आनंद शर्मा ने 2009 से 2014 तक की विदेश व्यापार नीति की समीक्षा करते हुए गुरूवार को कुछ नए उपायों की घोषणा की.

उन्होंने जिन विशेष उपायों का ऐलान किया उनमें विशेष बोनस लाभ स्कीम, विशेष फ़ोकस बाज़ार स्कीम, फ़ोकस उत्पाद स्कीम शामिल हैं.

विशेष बोनस लाभ स्कीम

विशेष बोनस लाभ स्कीम के तहत 50 इंजीनियरिंग और औषधि उत्पादों पर निर्यातकों को निर्यात मूल्य का एक प्रतिशत विशेष बोनस लाभ दिया जाएगा. यह लाभ एक अक्तूबर 2011 से 31 मार्च 2012 की अवधि तक मिलेगा.

जिन नए प्रोत्साहन उपायों की घोषणा की गई है, उनका सीधा फ़ायदा ख़ासतौर पर इंजीनियरिंग सामान, औषधि और रसायन क्षेत्र को उपलब्ध होगा.

आनंद शर्मा ने कहा कि भौगोलिक लक्ष्यों के साथ निर्यातों में प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने के उद्देश्य से एक विशेष फ़ोकस बाज़ार स्कीम लाने का फ़ैसला किया गया है.

उनके अनुसार इस योजना के तहत लैटिन अमरीका, अफ़्रीक़ा और स्वतंत्र राष्ट्रकुल देशों के बाज़ारों में उत्पादों की पहुंच बढ़ाने वालों को विशेष तौर पर प्रोत्साहित किया जाएगा.

इस स्कीम में कुल 41 देश शामिल हैं और इन देशों को निर्यात करने पर एक प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क क्रेडिट प्रदान किया जाएगा.

फ़ोकस उत्पाद स्कीम के तहत मदों की सूची में 130 नई अतिरिक्त मदों को शामिल करते हुए इसे और विस्तार किया गया है.

ये वस्तुएं मुख्यरूप से रसायन, वस्त्र, हस्तशिल्प, इंजीनियरिंग और इलेक्ट्रॉनिक क्षेत्रों में शामिल हैं.

विदेश व्यापार नीति की समीक्षा के बाद निर्यात उत्कृष्टता वाले शहरों की एक नई सूची बनाई गई है जिनके तहत कांच के बर्तन के लिए फ़िरोज़ाबाद, समुद्री उत्पादों के लिए भुवनेश्वर और बांस तथा बेंत उत्पादों के लिए अगरतला जैसे शहरों को निर्यात उत्कृष्टता वाले शहरों के रूप में अधिसूचित किया गया है.

आनंद शर्मा ने बताया कि विदेश व्यापार महानिदेशालय ने अपने यहां ई-शासन को लागू किया है और ये भारत सरकार का सबसे पहला डिजीटल हस्ताक्षर समर्थित विभाग बन गया है.

निर्यात बंधु

उनके अनुसार युवा पीढ़ी के उद्यमियों को प्रोत्साहित करने के लिए उनके मंत्रालय ने 'निर्यात बंधु' नाम की एक नई योजना शुरू करने का फ़ैसला किया है.

इस स्कीम के तहत विदेश व्यापार महानिदेशालय के अधिकारी इच्छुक व्यक्तियों को परामर्श देंगें जिससे कि युवा उद्यमियों को बहुत फ़ायदा होगा.

भारत में निर्यातकों की संस्था फेडरेशन ऑफ़ इंडियन एक्सपोर्टर्स ऑर्गनाइज़ेशन (एफ़आईईओ) के अध्यक्ष रामू दयोरा ने इसका स्वागत करते हुए कहा कि ये तो दीवाली का तोहफ़ा है और वे इतनी ज़्यादा रियायतों की आशा नहीं कर रहे थे.

एक और उद्योग संगठन फ़िक्की ने भी सरकार के क़दम का स्वागत किया है.

फ़िक्की के महासचिव राजीव कुमार ने एक बयान जारी कर कहा कि वाणिज्य मंत्री के ज़रिए उठाए गए क़दमों से अंतरराष्ट्रीय बाज़ार की मौजूदा चुनौतियों में भारत के निर्यातकों को बहुत मदद मिलेगी.

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