विकसित देश प्रभावी क़दम उठाएँ: इबसा

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Image caption इबसा नेताओं ने संयुक्त राष्ट्र में सुधार की भी मांग की

प्रीटोरिया में इबसा शिखरवार्ता में नेताओं ने यूरोपीय देशों में आर्थिक संकट पर चिंता जताई है.

नेताओं ने यूरोपीय देशों और अन्य विकसित देशों से अपील की है कि वे इस संकट से निपटने के लिए आपात क़दम उठाएँ.

दक्षिण अफ़्रीका के राष्ट्रपति जैकब ज़ूमा, भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और ब्राज़ील की राष्ट्रपति दिल्मा रौसेफ़ की इस बैठक में संयुक्त राष्ट्र के अलावा वित्तीय संस्थाओं में भी सुधार की मांग की गई.

भारत, ब्राज़ील और दक्षिण अफ़्रीका (इबसा) के नेताओं की इस शिखरवर्ता में आपसी व्यापार बढ़ाने पर भी रज़ामंदी हुई. तीनों नेता इस बार पर सहमत थे कि इससे पहले की स्थिति हाथ से न निकल जाए, अंतरराष्ट्रीय आर्थिक संकट से निपटने के लिए आपात क़दम उठाए जाने चाहिए.

अपील

इस बैठक में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा, "विकासशील देश इस आर्थिक संकट से अछूते नहीं रह सकते. इस चुनौती से निपटने की उनकी काबिलियत पर भी दुष्प्रभाव पड़ रहा है. हम उम्मीद करते हैं कि यूरोप और अन्य विकसित देश जल्द से जल्द क़दम उठाएँगे ताकि अंतरराष्ट्रीय अर्थव्यवस्था फिर मंदी में न चली जाए."

अगले महीने कान में जी-20 देशों का सम्मेलन होना है. प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि इबसा को आपस में मिलकर इस बैठक के लिए एक संयुक्त रुख़ अपनाना चाहिए ताकि उस सम्मेलन में विकासशील अर्थव्यवस्थाओं की प्राथमिकताओं को भी ध्यान में रखा जाए.

ब्राज़ील की राष्ट्रपति दिल्मा रौसेफ़ ने भी मनमोहन सिंह की बात पर सहमति जताई और कहा कि अंतरराष्ट्रीय संकट से बचने के लिए विकसित देशों को प्रभावी क़दम उठाने होंगे.

इस शिखरवार्ता की मेज़बानी कर रहे दक्षिण अफ़्रीका के राष्ट्रपति जैकब ज़ूमा ने कहा कि इस बैठक में इस बात पर भी ज़ोर दिया गया कि संयुक्त राष्ट्र में सुधार हो ताकि इसका प्रभावी इस्तेमाल हो और इसे और प्रतिनिधित्व मिल सके.

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