यूरोज़ोन क़र्ज़ संकट पर सहमति, बैंक भरेंगे घाटा

  • 27 अक्तूबर 2011
बर्लुस्कोनी इमेज कॉपीरइट AFP Getty Images
Image caption इटली का क़र्ज़ 1.7 खरब डॉलर है जिसे वह कटौतियाँ करके दो साल में घटाने का वादा कर रहा है

यूरोप में क़र्ज़ संकट का हल खोजने के लिए ब्रसेल्स में 10 घंटे तक चली युरोपीय संघ के देशों की बैठक में गुरुवार तड़के सहमति बन गई है. इस बारे में फ़्रांस के राष्ट्रपति निकोला सार्कोज़ी ने घोषणा की है.

इस सहमति के तीन मुख्य बिंदु हैं - ग्रीस के कुल क़र्ज़ में से आधा क़र्ज़ माफ़ कर दिया गया है, यूरोज़ोन के सहायता कोष को चार से पाँच गुना बढ़ाकर 1.4 खरब डॉलर कर दिया गया है और बैंकों के पास उपलब्ध धन-राशि को बढ़ाया जाएगा.

ग्रीस के क़र्ज़ के बारे में की गई घोषणा के बाद उसका क़र्ज़ लगभग 140 अरब डॉलर घट जाएगा.

लेकिन ग्रीस के 50 प्रतिशत क़र्ज़ माफ़ करने का ख़ामियाज़ा निजी बैंकों को भुगतना पड़ेगा, यानी उन बैंकों को ये घाटा भरना पड़ेगा जिन्होंने ग्रीस को क़र्ज़ दिया था.

यूरोज़ोन के सहायता कोष को बढ़ाकर 1.4 खरब डॉलर किया गया है और इस बारे में प्रक्रिया नवंबर तक पूरी हो जाने की घोषणा की गई है.

बीबीसी के ब्रसेल्स संवाददाता क्रिस मॉरिस के अनुसार फ़ांस के राष्ट्रपति निकोला सार्कोज़ी ने ये घोषणाएँ करते हुए कहा कि यूरोपीय बैंकों को और धन-राशि दी जाए ताकि वे सरकारों के क़र्ज़ न लौटाने की स्थित में ख़ुद को बचा सकें.

बैठक की शुरुआत में जर्मन चांस्लर एंगेला मर्कल ने चेतावनी दी थी कि द्वितीय विश्व युद्ध के ख़त्म होने के बाद से ये यूरोप की सबसे गंभीर आर्थिक स्थिति है.

यूरोपीय कमिशन के अध्यक्ष जोस मैन्यूल बार्रोसो ने कहा, "जिस पैकेज पर आज सहमति बनी है वह समग्र है जिससे इस बात की पुष्टि होती है कि यूरोप वित्तीय स्थिरता बनाए रखने के लिए हर संभव क़दम उठाएगा. मैं पहले भी कह चुका हूँ और दोहाराता हूँ कि ये लंबी दौड़ है. अगले हफ़्तों में इस पैकेज से संबंधित तकनीकी काम पूरा किया जाएगा."

इटली घटाएगा 1.7 खरब क़र्ज़ को

लेकिन केवल ग्रीस ही नहीं, पुर्तगाल, आयरलैंड के बाद इटली और स्पेन भी क़र्ज़ की भीषण चुनौती से जूझ रहे हैं.

इस बैठक के दौरान इटली की ओर से अपने 1.7 खरब डॉलर के क़र्ज़ को घटाने के लिए कटौतियाँ करने की योजना का भी उल्लेख हुआ.

दो साल के भीतर क़र्ज़ घटाने की योजना के तहत प्रधानमंत्री सिल्वियो बर्लुस्कोनी ने वादा किया सेवानिवृत्ति की उम्र को बढ़ाकर 67 साल कर दिया जाएगा. इसी के साथ इटली कई सरकारी संपत्तियों को भी बेचेगा.

यही नहीं, इटली निजी व्यवसायों को सहूलियत देने के लिए लाल-फीताशाही पर भी लगाम लगाएगा.

बीबीसी के ब्रसेल्स संवाददाता क्रिस मॉरिस का कहना है कि संभव है कि सेवानिवृत्ति वाली घोषणा अगले 15 साल तक लागू न हो पाए.

यूरोपीय संघ के नेताओं ने इन योजनाओं का स्वागत किया लेकिन इटली से इस बारे में और विस्तृत ब्योरा भी मांगा है.

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