घरानों वाले सर्वाधिक उद्योग भारत में

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Image caption रिपोर्ट के मुताबिक पारिवारिक उद्योगों को मालिकों की सुदृढ़ निवेश योजनाओं का फ़ायदा होता है

रेटिंग एजेंसी क्रेडिट स्विस ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा है कि पूरे एशिया में पारिवारिक घरानों द्वारा चलाए जानेवाले सबसे ज़्यादा उद्योग भारत में हैं.

रिपोर्ट के मुताबिक बाज़ार की सूचीबद्ध कंपनियों में से 67 प्रतिशत इस श्रेणी में आती हैं. बाज़ार में इनकी कीमत पाँच करोड़ डॉलर से ज़्यादा है.

क्रेडिट स्विस के मुताबिक 983 में से 663 सूचीबद्ध कंपनियाँ पारिवारिक व्यापारिक घरानों के नियंत्रण में हैं और कुल नौकरियों में से करीब आधी नौकरियाँ इन्हीं घरानों की देन हैं.

बाज़ारी पूँजीकरण में से करीब 47 प्रतिशत पारिवारिक उद्योगों के कारण हैं.

रिपोर्ट के अनुसार भारतीय ऊर्जा कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज़, प्रमुख आईटी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज़, मोबाइल ऑपरेटर भारती एयरटेल और सॉफ़्टवेयर निर्यातक विप्रो क्रेडिट स्विस ‘एशियन फ़ैमिली बिज़नेस बास्केट’ की पहली 20 कंपनियों की सूची में शामिल हैं.

रिपोर्ट कहती है कि एशियाई पारिवारिक उद्योगों को अपने मालिकों की सुदृढ़ निवेश योजनाओं का फ़ायदा होता है.

रिपोर्ट मे कहा गया है,"ज़्यादातर एशियाई पारिवारिक उद्योग पहली पीढ़ी के उद्योग हैं. उधर यूरोप और अमेरिका में पारिवारिक उद्योग चौथी या पाँचवी पीढ़ी पुराने हैं."

रिपोर्ट कहती है कि एशिया में पारिवारिक उद्योग अभी भी संपत्ति के निर्माण का महत्वपूर्ण ज़रिया हैं और सामरिक रूप से महत्वपूर्ण कई उद्योगों, वित्तीय बाज़ारों और वाणिज्यिक गतिविधियों में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है.

क्रेडिट स्विस कहती है,"एशियाई पारिवारिक उद्योग परंपरागत क्षेत्रों जैसे बैंक, रियल इस्टेट, उपभोक्ता उद्योग, इनमें ज़्यादा केंद्रित हैं. मात्र दक्षिण कोरिया, ताइवान और भारत में तकनीक से जुड़े उद्योगों में व्यावसायिक परिवारों का प्रभुत्व है क्योंकि ऐसे उद्योग इन देशों में ज़्यादा हैं."

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