तत्काल टिकट अब 24 घंटे पहले

  • 12 नवंबर 2011
Image caption तत्काल टिकट बुक कराने की अवधि 48 घंटे से घटाकर 24 घंटे कर दी गई है.

भारतीय रेलवे की तत्काल टिकट योजना में लगातार बढ़ती शिकायतों के चलते इसके नियमों में बदलाव किया गया है.

अब ये टिकट यात्रा से सिर्फ़ एक दिन पहले ही बुक किया जा सकेगा.

अभी तक तत्काल टिकट48 घंटे पहले यानि दो दिन पहले लिया जा सकता था पर नए नियम के मुताबिक तत्काल टिकट की बुकिंग अवधि 48 घंटे से घटाकर अब 24 घंटे कर दी गई है.

यही नही, सरकार ने तत्काल नियमों को और सख्त बना दिया है.

नए नियम के मुताबिक अगर कोई यात्री कन्फर्म तत्काल टिकट रद्द कराता है तो उसे पैसे वापस नहीं मिलेंगे. केवल ट्रेन के रद्द या फिर लेट होने जैसी परिस्थितियों में ही इसे रद्द कराया जा सकेगा.

तत्‍काल टिकट आठ स्‍वीकृत पहचान-पत्र दिखाने पर ही दिये जाएंगे. आधार के शुरू हो जाने के बाद तत्‍काल टिकटों को उससे जोड़ दिया जाएगा.

टिकट दलालों से निजात

टिकट खरीदने के लिए काउंटर पर पहचान पत्र भी दिखाना पड़ेगा जो यात्रा के समय भी दिखाना होगा.

इतना ही नहीं आम लोगों को टिकट मिल सके इसलिए सुबह 8 से 10 बजे तक एजेंटों के टिकट खरीदने पर पाबंदी लगाई गई है.

जो एजेंट इन्‍टरनेट के ज़रिए टिकट बुकिंग करते हैं, उन पर भी यह प्रतिबंध लागू होगा. ये एजेंट प्रतिदिन, प्रति गा‍ड़ी एक ही तत्‍काल टिकट बुक कर पायेंगे.

इसके आलावा एक तत्‍काल टिकट पर केवल चार यात्री ही यात्रा कर सकेंगे. सभी टिकट काउंटरों पर कैमरों के द्वारा निगरानी की जाएगी.

रेल मंत्री दिनेश त्रिवेदी ने शुक्रवार को दिल्ली में बुलाए गए संवाददाता सम्मेलन में इन नए नियमों की घोषणा की.

उन्होने कहा कि रेलवे में तत्काल टिकटों की बुकिंग में गड़बड़ियों की काफ़ी शिकायतें मिल रहीं थीं. इस सेवा के दुरूपयोग को रोकने के लिए रेल मंत्रालय को कुछ कदम उठाने की ज़रूरत थी.

महत्वपूर्ण है कि रिजर्वेशन शुरू होने के चंद मिनटों में ही सभी तत्काल टिकटें बुक हो जाती हैं.

आईआरसीटीसी की वेबसाइट सुबह ठीक 8 बजे तत्काल टिकटों की बुकिंग शुरू होते ही काम करना बंद कर देती है.

इस दौरान लॉग इन करने में करीब 5 मिनट लगते हैं, लेकिन तब तक सारी तत्काल टिकटें बिक चुकी होती हैं.

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