भूकंप के बाद जापान की अर्थव्यवस्था में सुधार

  • 14 नवंबर 2011
Image caption जापान की आर्थिक वृद्धि दर में हुआ सुधार अस्थायी भी हो सकता है

साल 2011 की तीसरी तिमाही में जापान की अर्थव्यवस्था में सुधार हुआ है और मार्च में आए भूकंप के बाद पहली बार इसमें वृद्धि दर्ज की गई है.

विश्लेषकों का कहना है कि निर्यात और उपभोग में हुए सुधार की वजह से ये नतीजे सामने आए हैं.

जुलाई से सितंबर की तिमाही में देश की वार्षिक आर्थिक विकास दर छह फ़ीसदी रही है जबकि सकल घरेलू उत्पाद में इन तीन महीनों में पिछले तीन महीनों के मुक़ाबले 1.5 फ़ीसदी की वृद्धि हुई है.

पिछली तीन तिमाहियों में संकुचित विकास दर के बाद पहली बार इसमें सकारात्मक सुधार हुआ है.

हालांकि विश्लेषकों का कहना है कि जापान की मुद्रा येन और वैश्विक आर्थिक समस्याओं का असर जापान के आर्थिक सुधार की गति पर पड़ेगा.

निर्यात में वृद्धि

मार्च के भूकंप और सुनामी के बाद जापान की अर्थव्यवस्था आर्थिक मंदी का शिकार हो गई थी.

देश के उत्तर-पूर्व में आए भूकंप ने फ़ैक्टरियों को भी तबाह किया और आपूर्ति को प्रभावित कर दिया.

हालांकि हाल के आंकड़ों से पता चलता है कि निर्यात में सुधार हो रहा है जिससे आर्थिक विकास को गति मिल रही है.

कैबिनेट कार्यालय के आंकड़ों के मुताबिक़ देश के कुल निर्यात ने तीसरी तिमाही के विकास दर में तिहाई से थोड़ा ज़्यादा का योगदान किया था.

मिज़ुहो शोध संस्थान के यासुओ यामामाटो का कहना है, ''तीसरी तिमाही में अर्थव्यवस्था की सकारात्मक विकास दर से आपूर्ति श्रृंखला में हुए सुधार का पता चलता है जिसकी वजह कारख़ानों के उत्पादन और उपभोग में बढ़ोतरी है.''

ख़तरे

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Image caption मार्च में आए भूकंप में फुकुशिमा परमाणु संयंत्र तबाह हो गया था

हालांकि विश्लेषकों का कहना है कि जापान की अर्थव्यवस्था में हो रहे सुधार के कई ख़तरे भी हैं.

सबसे बड़ी चिंता जापानी मुद्रा येन को लेकर है जिसका असर वैश्विक विकास पर देखने को मिल रहा है.

साथ ही थाईलैंड में आई बाढ़ के कारण जापानी निर्यात पर भी बुरा असर पड़ा है.

यासुओ यामामाटो का कहना है कि थाईलैंड की बाढ़ की वजह से चौथी तिमाही में देश की आर्थिक विकास दर थोड़ी धीमी रहेगी. यूरोप के आर्थिक संकट की वजह से भी ऐसी उम्मीद नहीं की जानी चाहिए कि बाहरी मांग का जापान के विकास दर पर कोई ख़ास असर पड़ेगा.

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