पाक फ़रवरी तक 'नकारात्मक सूची' सौंपेगा

  • 16 नवंबर 2011
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Image caption पाकिस्तान वाणिज्य सचिव ज़फ़र महमूद भारतीय वाणिज्य मंत्री आनंद शर्मा से मुलाक़ात करते हुए.

भारत और पाकिस्तान ने एक दूसरे के साथ व्यापारिक रिश्तों को सुधारने की दिशा में एक और क़दम आगे बढ़ाते हुए अगले साल फ़रवरी तक व्यापार को और बढा़ने का फ़ैसला किया है.

मंगलवार को दिल्ली में दोनों देशों के वाणिज्य सचिवों की दो दिवसीय बैठक के अंतिम दिन इस पर फ़ैसला किया गया.

बैठक ख़त्म होने के बाद दोनों सचिवों ने एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में इसकी जानकारी दी.

पत्रकारों से बातचीत करते हुए पाकिस्तानी वाणिज्य सचिव ज़फ़र महमूद ने कहा कि पाकिस्तान अगले साल यानी 2012 फ़रवरी तक 'नकारात्मक सूची' यानी उन वस्तुओं की सूची सौंपेगा, जिनका व्यापार वो भारत के साथ नहीं कर सकता है.

इस मौक़े पर भारत के वाणिज्य सचिव राहुल खुल्लर ने कहा कि दोनों के व्यापारिक रिश्तों में और प्रगति हुई है.

ख़ुल्लर ने कहा कि दोनों देशों के बीच व्यापार किए जाने वाली मौजूदा 'सकारात्मक सूची' को एक छोटी सी 'नकारात्मक सूची' से बदला जाना दोनों देशों के व्यापारिक संबंधों को सामान्य करने की दिशा में उठाया गया क़दम है.

पाकिस्तानी सचिव ने ये भी कहा कि अगर फ़िलहाल दोनों देशों का व्यापार भारत के पक्ष में है तो भी ये कोई चिंता की बात नही.

ज़फ़र महमूद का कहना था, ''दोनो देशों के बीच व्यापार बढ़ाने में कोई रूकावट नहीं होनी चाहिए. मेरा ख़्याल है कि जब दोनों देशों के व्यापारिक रिश्ते सामान्य हो जाएंगे तब पाकिस्तानी निर्यातकों को भी अपनी चीज़ों को भारत भेजने का ज़्यादा मौक़ा मिलेगा.''

'वीज़ा नियम'

इस मौक़े पर भारत और पाकिस्तान के वीज़ा नियमों को भी और सरल बनाने पर सहमति जताई गई.

भारतीय वाणिज्य सचिव राहुल खुल्लर ने कहा कि व्यापारियों के लिए जल्द ही बहुत सरल वीज़ा नियमों को लागू किया जाएगा.

इस बारे में किसी समय सीमा के बारे में पूछे गए एक सवाल का जवाब देते हुए खुल्लर ने कहा, ''आप कृपया इंतज़ार करें. आपको ज़्यादा नहीं इंतज़ार करना पड़ेगा. अगले महीने किसी समय भारतीय गृह सचिव पाकिस्तान को दौरा करने वाले हैं. उसी समय इसकी घोषणा कर दी जाएगी.''

ग़ौरतलब है कि सोमवार को दो दिवसीय बैठक के पहले दिन पाकिस्तान ने भारतीय पक्ष से उस पर ‘यक़ीन’ करने की अपील की थी.

पाकिस्तानी सचिव ज़फ़र महमूद ने कहा था कि ‘अब समय बदल गया है’ और वह(पाकिस्तान) भारत के साथ द्विपक्षीय व्यापार संबंध पूरी तरह सामान्य करना चाहता है.

उल्लेखनीय है कि भारत को व्यापार में सर्वाधिक वरीयता वाला देश (एमएफ़एन) का दर्जा देने के पाकिस्तान के मंत्रिमंडल के हाल के निर्णय से दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंध में नई उम्मीदें जगी हैं और इसके बाद दोनों देशों के बीच वाणिज्य सचिव स्तर की दो दिन की बातचीत शुरू हुई.

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