महंगाई पर अनुमान में हुई ग़लती: मोंटेक

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Image caption मोंटेक सिंह अहलूवालिया ने उम्मीद जताई कि खुदरा क्षेत्र में विदेशी निवेश पर सरकार जल्द फ़ैसला करेगी

योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया ने स्वीकार किया है कि महंगाई की दर में कमी का अनुमान लगाने में उनसे ग़लती हुई है.

अब भी महंगाई की दर यानी मुद्रा स्फ़ीति दोहरे अंक के क़रीब बनी हुई है. एक टीवी चैनल के साथ विशेष इंटरव्यू में उन्होंने माना कि उम्मीद के मुताबिक़ महंगाई नहीं घटी है.

मोंटेक सिंह अहलूवालिया ने कहा, "ये सच है कि हम ये उम्मीद कर रहे थे कि मुद्रा स्फ़ीति की दर जल्द ही कम होगी. उस हद तक हमारी विश्वसनीयता सवाल बनती है. आपको ये समझना चाहिए कि अल्पकालिक अनुमान में ग़लती हो सकती है."

उन्होंने कहा कि अगले साल मार्च तक महंगाई दर 7-7.5 प्रतिशत के स्तर तक पहुँच जाएगी.

आवश्यकता

अक्तूबर में मुद्रा स्फ़ीति की दर 9.73 प्रतिशत थी. पाँच नवंबर को ख़त्म हुए सप्ताह में खाद्य महंगाई की दर 10.63 प्रतिशत थी.

सरकार के कई मंत्रालयों और विभागों के दावों के बावजूद महंगाई दर में कोई कमी नहीं आई है.

उन्होंने कहा कि सरकार वित्तीय सुधारों पर फ़ैसला करना चाहती है, लेकिन इसके लिए राजनीतिक सहमति की आवश्यकता है.

मोंटेक सिंह अहलूवालिया ने उम्मीद जताई कि सरकार खुदरा क्षेत्र को विदेशी निवेश के लिए खोलने पर अगले महीने के अंत तक कोई फ़ैसला कर लेगी.

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