इटली में कड़े आपातकालीन उपायों पर सहमति

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Image caption प्रधानमंत्री मारियो मो़टी ने कहा है कि इटली को बचाने के लिए कड़े कदम उठाने बेहद ज़रूरी हैं.

इटली की नई सरकार ने बैंको को दिवालिया होने और युरो मुद्रा को ढहने से बचाने के लिए कड़े आपातकालीन उपायों के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है.

इन कड़े आपातकालीन उपायों के तहत धनाड्य लोगों को संपत्ति पर अधिक कर देय होगा. साथ ही करों से बचने वालों से वसूली के लिए व्यापक अभियान चलाया जाएगा.

प्रधानमंत्री मारियो मोंटी ने कहा है कि इटली को बचाने के लिए ये कदम उठाने बेहद ज़रूरी हैं.

उन्होंने घोषणा की है कि इन प्रयासों के तहत कि वो ख़ुद भी अपना वेतन छोड़ देंगे.

इन प्रस्तावित योजनाओं को अभी इटली की संसद से मंज़ूरी मिलनी बाकी है.

सोमवार को प्रधानमंत्री मारियो मोंटी देश का क़ानून बनाने वालों को इन योजनाओं की विस्तृत जानकारी देगें, लेकिन कुछ योजनाओं की घोषणा पहले ही की जा चुकी है.

कड़े आपातकालीन उपाय

इन उपायों के तहत महिलाओं के लिए पेंशन के लिए उम्र सीमा बढ़ाकर 62 साल जबकि पुरूषों के लिए 66 साल कर दी जाएगी. 2018 से महिलाओं के लिए पेंशन के लिए उम्र सीमा 66 साल कर दी जाएगी.

कुल मिलाकर आपातकालीन कड़े उपायों से 2014 तक 20 बिलियन युरो की बचत की जाएगी.

इटली की अर्थव्यवस्था पर भारी दबाव के चलते प्रधानमंत्री ने इन उपायों पर चर्चा के लिए मंत्रिमंडल की बैठक 24 घंटे पहले ही बुलाई. इस बैठक में मंत्रिमंडल ने इन प्रस्तावों पर सहमति बनी .

सोमवार को पेरिस में जर्मनी की चांस्लर ऐंगला मर्केल की फ्रांस के राष्ट्रपति निकोला सर्कोज़ी से मुलाकात होनी है. इल बैठक में युरो मुद्रा वाली अर्थव्वस्थाओं के लिए एक संयुक्त प्रस्ताव पर बात होनी है.

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