फ़्रांस और जर्मनी नए समझौते के पक्ष में

निकोला सार्कोज़ी और एंगेला मर्केल इमेज कॉपीरइट AP
Image caption निकोला सार्कोज़ी और एंगेला मर्केल ने यूरो की अहमियत का भी बखान किया

फ़्रांस और जर्मनी ने कहा है कि यूरोज़ोन कर्ज़ संकट से निपटने के लिए यूरोपीय संघ को एक नए समझौते की ज़रूरत है.

पेरिस में फ़्रांस के राष्ट्रपति निकोला सार्कोज़ी और जर्मनी की चांसलर एंगेला मर्केल के बीच बातचीत के बाद इस संबंध में बयान जारी किया गया है.

सार्कोज़ी ने कहा कि नया समझौता मार्च तक हो जाएगा. इस समझौते के तहत ये सुनिश्चित किया जाएगा कि ऐसा संकट दोबारा न हो.

उन्होंने कहा कि यूरोज़ोन के देशों को राजस्व घाटे की स्थिति में अपने बजट और उसकी मंज़ूरी पर ज़्यादा ध्यान देना होगा.

सार्कोज़ी और एंगेला मर्केल की मुलाक़ात ऐसे समय में हुई है, जब शुक्रवार को यूरोपीय संघ का शिखर सम्मेलन होने वाला है. माना जा रहा है कि ये बैठक एकल मुद्रा के मामले में काफ़ी अहम रहने वाली है.

बदलाव

बैठक के बाद अपने बयान में जर्मनी की चांसलर एंगेला मर्केल ने कहा कि फ़्रांस और जर्मनी बुनियादी तौर पर बदलाव भी देखना चाहते हैं, जो समझौते के अलावा होना चाहिए.

दोनों नेताओं ने कहा कि वे चाहते हैं कि समझौते की शर्तें यूरोपीय संघ के सभी 27 सदस्य देशों में लागू हो और अगर ऐसा संभव न हो तो कम से कम यूरो को अपनाने वाले 17 देश इसे लागू करें.

एंगेला मर्केल ने कहा, "आर्थिक पैकेज ये साबित करता है कि हम यूरो को एक स्थिर मुद्रा और यूरोपीय स्थिरता के लिए एक अहम सहयोगी बनाए रखने को लेकर प्रतिबद्ध हैं."

दूसरी ओर निकोला सार्कोज़ी ने कहा कि वे नया समझौता इसलिए चाहते हैं ताकि यूरोप के लोगों, यूरोप के सदस्य देशों और यूरोज़ोन के सदस्यों को ये स्पष्ट हो जाए कि चीज़ें ऐसी ही नहीं चलेंगी, जैसी वे अब हैं.

उन्होंने कहा कि वे चाहते हैं कि समझौते को लेकर विचार-विमर्श हो और इसे मार्च तक पूरा कर लिया जाए, क्योंकि हमें तेज़ी से आगे बढ़ना है.

संबंधित समाचार