चेतावनी के समय पर सवाल

  • 7 दिसंबर 2011
इमेज कॉपीरइट AFP
Image caption यूरोपीय संघ के नेताओं की शुक्रवार को बैठक होने वाली है जिसमें इस पर विचार होगा कि यूरोज़ोन को कैसे स्थिरता दी जाए.

क्रेडिट रेटिंग एजेंसी स्टैंडर्ड ऐंड पुअर्स के यूरोज़ोन के सभी सदस्य देशों की क्रेडिट रेटिंग गिराने की चेतावनी के पीछे दी गई दलीलें वैसे तो विवादास्पद नहीं हैं लेकिन इस ऐलान के समय पर सवाल उठ सकते हैं.

हालांकि इस चेतावनी में ग्रीस शामिल नहीं है क्योंकि उसकी रेटिंग पहले से ही कम कर दी गई है.

इस चेतावनी का मतलब ये है कि जर्मनी और फ़्रांस समेत आर्थिक तौर पर यूरोज़ोन के छह सबसे मज़बूत देश अपनी सर्वश्रेष्ठ रेटिंग खो सकते हैं और दस अन्य की रेटिंग काफ़ी कम हो सकती है.

ये ऐसे समय किया गया है जब फ़्रांस और जर्मनी ने यूरोज़ोन के देशों को कर्ज़ लेने में कड़े अनुशासन का पालन करने के लिए राज़ी कर लिया है.

इसके अलावा कुछ ही दिन में यूरोपीय संघ की बैठक होनी है जिसमें यूरोज़ोन को आर्थिक संकट से निकालने के लिए एक सुनियोजित हल निकाला जाना है.

चेतावनी की ज़रूरत

एजेंसी का कहना है कि वो यूरोज़ोन के नेताओं को समझाना चाहती है कि अगर इस हफ्ते की बैठक भी बेनतीजा निकली तो क्या कुछ ताक़ पर रखा है.

लेकिन अगर एजेंसी के इस ऐलान से घबराहट फैले और उदाहरण के तौर पर किसी बैंक के स्थायित्व पर ख़तरा आ जाए, तो एजेंसी पर यूरोज़ोन में सुधार लाने की व्यवस्थित कोशिशों को अस्थिर करने का आरोप भी लगेगा.

एजेंसी ने पहले ही ये रेखांकित किया है कि यूरोज़ोन के बैंक कर्ज़ा नहीं उठा पा रहे, कई यूरोज़ोन अर्थव्यवस्थाएं बड़े सरकारी और घरेलू उधार के बोझ तले दबी हैं और मंदी का ख़तरा मंडरा रहा है.

जहाँ एक ओर यूरोज़ोन के नेताओं में सरकारों को कर्ज़ लेने में मदद करने के सही तरीके में भारी मतभेद है तो वहीं निवेशक यूरोज़ोन के सार्वजनिक क्षेत्र को उधार देने से कतरा रहे हैं.

ऐलान का असर

एजेंसी के ऐलान के अगले ही दिन, मंगलवार को जब बाज़ार खुले तो इटली और स्पेन के बॉन्ड को पिछले दिन जो बढ़त मिली थी वो कम हो गई. यानि दोनों देशों के लिए कर्ज़ लेने की अप्रत्यक्ष क़ीमत बढ़ गई है. जर्मनी और फ़्रांस के बॉन्ड के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ है.

लेकिन इस असर को सीमित ही माना जाएगा और इसकी अपेक्षा भी थी. दरअसल एजेंसी के विश्लेषण में व्यवस्था में जो कमी है उसकी व्याख्या करने की कोशिश की गई है.

ये कमी निवेशकों को लंबे समय से सुस्पष्ट थी और यूरोज़ोन के नेता उसे सुलझाने की ही कोशिश में लगे हैं.

यानि रेटिंग एजेंसी यूरोज़ोन को बना या तोड़ नहीं सकती, वो तो सिर्फ यूरोज़ोन की सरकारों को ही करना होगा.

संबंधित समाचार