उम्मीद से अधिक कमज़ोर हो रही है अर्थव्यवस्था

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भारतीय रिज़र्व बैंक ने कहा है कि भारतीय अर्थव्यवस्था की हालत उम्मीद से अधिक कमज़ोर हुई है और महंगाई की दर अभी भी ऊंची बनी हुई है.

आरबीआई ने मार्च 2010 से अब तक 13 बार महंगाई को कम करने के उद्देश्य से ब्याज़ दरों में बढ़ोतरी की है.

पिछले वर्ष दिसंबर में महंगाई की दर 7.47 प्रतिशत थी जो दो वर्ष की सबसे कम दर तो है लेकिन सरकारी लक्ष्यों से कहीं ऊपर.

बैंक के अनुसार इन वजहों से सरकार के लिए नीतिगत फ़ैसले जटिल हो गए हैं. बैंक का कहना था कि विकास और महंगाई को ध्यान में रखते हुए ऐसी नीतियां बनाने की ज़रुरत है जो इन दोनों को संतुलित करे.

बैंक का कहना है कि कई कारणों से विकास की दर को झटका लगा है और वर्ष 2011-12 में विकास उम्मीद से कहीं कम होने वाली है.

बैंक का कहना था, ‘‘ बिजनेस का माहौल ही कमज़ोर हो गया है. निवेश नहीं हो रहा है और बाहर से मांग कम होने के कारण अर्थव्यवस्था में तेज़ी आने की संभावना भी धीमी रह सकती है.’’

बैंक ने यूरोप और धीमे होते वैश्विक अर्थव्यवस्था का प्रभाव पड़ने की भी चेतावनी दी है.