नकारात्मक बजट: झुनझुनवाला

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Image caption आयकर छूट की सीमा को बढ़ाए जाने को उन्होंने 'दिखावा' बताया है

आर्थिक मामलों के विशेषज्ञ भरत झुनझुनवाला ने बजट को नकारात्मक बताया है और कहा है कि इसका प्रभाव आम जनता पर पड़ेगा.

बीबीसी से बातचीत में उन्होंने कहा, ''मेरी दृ्ष्टि से यह बजट बहुत ही नेगेटिव है क्योंकि इसमें टैक्स बढ़ाया गया है जो वित्तीय घाटे को रोकने के लिए एक उपाय था.

उन्होंने आगे कहा कि वित्तीय घाटे को काबू में करने का दूसरा उपाय था सरकार के अनुत्पादक खर्चों जैसे नौकरशाही पर या सरकारी कर्मचारियों पर खर्चें हैं या भ्रष्टाचार पर कटौती की जाए.

भरत झुनझुनवाला ने कहा, ''लेकिन इस तरफ कोई कदम नहीं उठाया गया है. इसको पोषित करते हुए केवल टैक्स की उगाही ज्यादा की जाए केवल इस तरफ ध्यान है.''

उन्होंने कहा कि यह तो ठीक है इससे सरकार अपने वित्तीय घाटे को कुछ नियंत्रित कर पाएगी, लेकिन इसका आर्थिक विकास और महंगाई पर बहुत नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा.

'दिखावा'

आयकर छूट की सीमा को बढ़ाए जाने को उन्होंने 'दिखावा' बताया है.

उन्होंने कहा, ''अगर हम महंगाई दर को 7-8 प्रतिशत माने तो एक लाख 80 हजार रुपए की सीमा 1.96 लाख रुपए तो महंगाई को बराबर करने में ही हो जाती है. इसे दो लाख करना अच्छी बात है. नहीं करते तो और नकारात्मक होता.''

उनके अनुसार सर्विस टेक्स यानी सेवा कर को बढ़ाए जाने से सब पर बोझ पढ़ेगा. उन्होंने कहा कि इसका सभी चीजों पर जैसे मिठाई के डिब्बों से लेकर बिजली और टेलीफोन के बिल पर फर्क पड़ेगा.

उन्होंने कहा, ''इस टैक्स का प्रभाव सर्वव्यापी है. इस का भार जनता पर पड़ेगा क्योंकि सर्विस टैक्स और एक्साइज डयूटी के बेसिक रेट को ही बढ़ा दिया गया है.''

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