विश्व बैंक ने की भारत की सराहना

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Image caption प्रेस कांफ्रेस को संबोधित करते हुए विश्व बैंक के अध्यक्ष रॉबर्ट जोएलिक

गरीबों की संख्या घटाने ने लिए विश्व बैंक ने की भारत की सराहना करते हुए कहा है कि हम भारत को और अधिक सहायता देने को तैयार.

विश्व बैंक के अध्यक्ष रॉबर्ट जीलिक ने कहा है कि भारत सरकार द्वारा शुरू की गई अनेक लाभकारी योजनाओं के कारण देश में गरीबों की संख्या में कमी आई है.

जून में पद से रिटायर हो रहे रॉबर्ट जीलिक ने कहा कि भारत में विभिन्न जगहों पर जाने और भिन्न-भिन्न तरह के लोगों से मिलने के बाद मैं दावे के साथ कहना चाहता हूं कि यहां की सरकार और लोग निश्चित रूप से विश्व बैंक के साथ मिलकर काम करना चाहते हैं.

पत्रकारों से बातचीत करते हुए विश्व बैंक के अध्यक्ष ने कहा कि विश्व के तथाकथित मध्यम आय वाले देश के लोग औसतन दो डॉलर प्रति दिन पर जीवन बसर कर रहे हैं. फिर भी, जिस तरह भारत सरकार ने गरीबों के कल्याण के लिए काम किया है, वह काफी बेहतर है.

जब उनसे पूछा गया कि भारत सरकार के आँकड़े के अनुसार यहां के गरीब 28 रुपए प्रतिदिन पर जिन्दगी जी रहे हैं तो उनका कहना था कि मुझे इस बारे में बहुत कुछ नहीं कहना है, लेकिन वास्तविकता यही है कि भारत में गरीबों की संख्या में कमी आ रही है.

भारत के बारे में बात करते हुए जीलिक ने कहा कि भारत बड़े आर्थिक शक्ति के रूप में विकसित हो रहा है. इसलिए विश्व बैंक को सहयोग देने में उसकी भूमिका लगातार महत्वपूर्ण होती जाएगी.

सबसे ज्यादा कर्जा भारत पर

रॉबर्ट जीलिक ने कहा कि विश्व बैंक भारत को 12वीं पंचवर्षीय योजना शुरु करने के लिए अतिरिक्त ऋण का प्रस्ताव रख सकता है. इस समय भारत को विश्व बैंक के विभिन्न विभागों जैसे- आईबीआरडी और आईडीए से 38 अरब अमरीकी डॉलर और आईएफसी से साढ़े तीन अरब अमरीकी डॉलर की आर्थिक मदद मिलती है.

कुल मिलाकर भारत पर 42 अरब अमरीकी डॉलर का कर्ज है. इस तरह भारत विश्व बैंक से सबसे ज्यादा उधार लेने वाला देश है.

जीलिक ने कहा कि हम निजी क्षेत्र के साथ मिलकर भारत के गरीब राज्यों के ढाँचागत विकास में सहयोग करेंगे. उन्होंने कहा कि आईएफसी, जो विश्व बैंक की निजी क्षेत्र में सहयोग करने वाली संस्था है, यहाँ के कम आमदनी वाले राज्यों को सहयोग करने के लिए तैयार है जो पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल पर काम करेगा. इस प्रकार आईएफसी निजी क्षेत्र के साथ मिलकर भारत में इस साल एक अरब अमरीकी डॉलर का पूंजी निवेश करेगा.

विश्व बैंक के अध्यक्ष ने कहा कि हम बुधवार को उड़ीसा गए थे, वहां हमने देखा कि बैंक तटीय प्रबधंन परियोजनाओं को सहायता देकर लोगों की जिंदगी और पर्यावरण को बचाने में बेहतरीन काम कर रहा है. साथ ही पीपीपी मॉडल के लिए उड़ीसा सरकार को सलाह भी दे रहा है.

भावी अध्यक्ष के बारे में बताने से इंकार

विश्व बैंक के अध्यक्ष रॉबर्ट जीलिक ने यह बताने से इंकार किया है कि आगामी जून में कौन उनकी जगह लेगा. पत्रकारों से बातचीत करते हुए विश्व बैंक के अध्यक्ष ने कहा कि अगर आप चाहते हैं कि अमेरिका बहुपक्षीय संगठन का हिस्सा रहे तो आपको कहीं न कहीं उसे अपने साथ रखना ही पड़ेगा.

विश्व बैंक के अध्यक्ष पद से जून में हट रहे रॉबर्ट जीलिक ने कहा कि हमें इन संगठनों को चलाने में अमेरिका के सहयोग की जरूरत पड़ती है.

जीलिक ने कहा कि लोगों की शिकायत है कि विश्व बैंक के अध्यक्ष हमेशा अमरीकी ही होते हैं तो दूसरी सच्चाई यह भी सही है कि अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ), यूनाइटेड नेशंस विश्व व्यापार संगठन (डब्लूटीओ) या फिर किसी भी विकास बैंक के प्रमुख आज तक अमरीकी नहीं हुए हैं.