एयर इंडिया को 30 हजार करोड़ का पैकेज

  • 12 अप्रैल 2012
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Image caption एयर इंडिया भारी वित्तीय संकट का सामना कर रहा है.

भारत सरकार ने वित्तीय दिक्कतों से जूझ रही देश की राष्ट्रीय एयरलाइन एयर इंडिया में जान फूंकने के लिए अगले आठ सालों में 30,000 करोड़ का निवेश करने की घोषणा की है.

इसकी जानकारी केंद्रीय उड्डयन मंत्री अजित सिंह ने एयर इंडिया की पुनर्गठन योजना को कैबिनेट की आर्थिक मामलों की समिति की हरी झंडी के बाद दिल्ली में एक प्रेसवार्ता में दी.

सरकारी एयरलाइन की पुनर्गठन योजना के तहत सरकार ने मौजूदा वित्त वर्ष में चार हज़ार करोड़ का निवेश करने का निर्णय लिया है.

लेकिन अजित सिंह ने दिल्ली में कहा है कि एयर इंडिया को अपना प्रबंधन दुरुस्त करने की ज़रुरत है क्योंकि उसे हमेशा करदाताओं के धन की सहायता नहीं मिलती रह सकती.

अजित सिंह ने कहा, “एयर इंडिया का पुनर्गठन ज़रुरी हो गया है. सरकार ना तो जनता के पैसे को इस तरह से खर्चते रह सकती है और ना ही ऐसा करने की उसकी कोई इच्छा है. सरकार अनिश्चित काल के लिए एयर इंडिया में जनता के पैसे नहीं लगा सकती. इस एयरलाइन को सुधरना होगा. ”

विदेशी निवेश अभी नहीं

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Image caption अजित सिंह ने कहा कि सरकार अनिश्चित काल के लिए एयर इंडिया को वित्तीय संकट से निकालती नहीं रह सकती.

देश की चौथी सबसे बड़ी एयरलाइन को बढ़ते ईंधन के दामों और कठिन प्रतिस्पर्धा के बीच कर्मचारियों के अंसतोष और भारी ऋण से भी दो-चार होना पड़ा है.

उड्डयन मंत्री ने पिछले महीने कहा था कि एयर इंडिया प्रतिदिन दस करोड़ रुपए का नुकसान उठा रही है.

इसके अलावा अजित सिंह ने कहा कि उड्डयन क्षेत्र में विदेशी निवेश के बारे में कैबिनेट ने कोई फ़ैसला नहीं किया है.

मीडिया में चर्चा थी कि केंद्रीय कैबिनेट इस क्षेत्र में 49% विदेशी निवेश को अनुमति दे देगी.

इसके अलावा नागरिक उड्डयन मंत्री ने कहा कि एयर इंडिया को अगले दो हफ़्तों के भीतर पहला बोइंग 787 ड्रीमलाइनर मिल जाएगा. निकट भविष्य में ऐसे 27 विमान एयर इंडिया के काफिले में शामिल किए जाएंगे.

अपने कर्मचारियों को वेतन दे पाने में मुश्किलों का सामना कर रही एयर इंडिया अपने 19 हज़ार कर्मचारियों को अपनी दो सहयोगियों कंपनियों में भेजने का निर्णय लिया है.

पुनर्गठन योजना पर रोशनी डालते हुए मंत्री ने कहा कि एयर इंडिया से सात हज़ार कर्मचारी इंजीनियरिंग सर्विस और 12 हज़ार यातायात सेवा में भेजे जाएंगे.

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