होम लोन सस्ते होने की संभावना

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Image caption रिजर्व बैंक पर ब्याज दरें घटाने का दबाव था

भारतीय रिजर्व बैंक ने सुस्त पड़ती आर्थिक विकास की दर को रफ़्तार देने के लिए रेपो रेट में 50 बेसिस पॉइंट की कटौती करने की घोषणा की है जबकि रिवर्स रेपो रेट में 100 बेसिस पॉइंट की कटौती की गई है.

नई घोषणा के अनुसार अब रेपो रेट 8.5 प्रतिशत से घटकर 8.0 प्रतिशत हो जाएगा जबकि रिवर्स रेपो रेट 8.0 प्रतिशत से घटकर 7.0 प्रतिशत रह जाएगा.

रेपो रेट उस ब्याज दर को कहते हैं जिस पर केंद्रीय बैंक दूसरे बैंको को क़र्ज़ देता है. रिवर्स रेपो रेट इसके उलट है यानि जिस दर पर वो बैंको से ऋण लेता है.

रेपो रेट में कटौती की वजह से होम लोन और कार लोन लेने वाले लोगों को राहत मिल सकती है.

कैश रिज़र्व रेशियो यानि सीआरआर भी पहले की तरह बना रहेगा.

इस घोषणा होने के साथ ही सेंसेक्स में 200 अंकों का उछाल आया.

पिछले कुछ समय में आरबीआई ने मंहगाई पर नियंत्रण करने के लिए ब्याज दरों में बढ़ोतरी करने की रणनीति अपना रखी थी जिसके तहत मार्च 2010 से अब तक 13 बार ब्याज दरें बढ़ाईं जिसका बुरा प्रभाव औद्योगिक उत्पादन पर हुआ.

औद्योगिक उत्पादन में पिछले तीन साल में काफी गिरावट दर्ज हुई.

इसके बाद ये माना जा रहा था कि रिजर्व बैंक ब्याज दरों में कटौती की घोषणा करेगा.

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