पांच सितारा होटलों में सरकारी बैठकों पर रोक

भारतीय वित्त मंत्रालय (फाइल)
Image caption वित्त मंत्रालय बजट घाटे को कम करना चाहता है ताकि निवेशक आश्वस्त हो सकें.

केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने सभी मंत्रालयों और विभागों के नई नौकरियों के सृजन करने, पांच सितारा होटलों में मीटिंग और गैर-जरूरी विदेशी यात्राओं पर रोक लगा दी है.

साथ ही नए वाहनों की खरीद पर भी रोक लगा दी गई है.

वित्त मंत्रालय के आदेश में विभागों से गैर-आयोजना व्यय को भी इस वित्तीय वर्ष के दौरान 10 प्रतिशत कम करने को कहा गया है.

ये आदेश ठीक उसी दिन जारी हुआ है जब सरकारी आंकड़े के मुताबिक इस साल की पहली तिमाही में विकास दर पिछले नौ साल के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया. आंकडों के मुताबिक इस अवधि में विकास दर 5.3 फीसद रही.

हाल में संसद में बयान देते हुए वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने कहा था कि सरकार खर्च में कटौती लाएगी.

अर्थव्यवस्था में सुधार

मंत्रालय का कहना है कि सरकारी संसाधनों पर दबाव के मद्देनजर खर्च में कटौती और मौजूद संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल की जरूरत है ताकि देश की अर्थव्यवस्था में सुधार लाया जा सके.

वित्त मंत्रालय ने ये भी फैसला किया है कि राज्यों, सरकारी कंपनियों और स्वायत्त संस्थाओं को दी जानेवाली धनराशि में और अधिक अनुशासन लाया जाएगा.

मंत्रालयों के भेजे गए आदेश में कहा गया है कि इन कटौतियों के लागू करने की जिम्मेदारी विभागों के सचिवों की होगी.

हालांकि वित्त मंत्रालय ने पिछली बार की तरह हवाई यात्रायों में 'इकोनामी क्लास' में सफर पर जोर नहीं दिया है लेकिन कहा गया है कि हर विभाग यात्राओं पर उतना ही खर्च करे जितना की बजट में उसे दिया गया है.

वित्तीय वर्ष 2011-12 में सरकार का बजट घाटा सकल घरेलू उत्पाद का 5.7 प्रतिशत था. केंद्र सरकार इसे कम करके 5.1 फीसद लाना चाहती है.

लेकिन कई अर्थशास्त्रियों का मानना है कि सरकार के कदम का कोई खास असर होगा.

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