भारत की विकास दर नौ साल के निचले स्तर पर

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Image caption भारतीय बाजारों पर यूरोपीय हालत का भी असर पड़ा है

भारत की वार्षिक विकास दर जनवरी - मार्च तिमाही में नौ साल के सबसे निचले स्तर पर आ गई है.

मैनुफैक्चरिंग सेक्टर में बेहद नुकसान के साथ साथ रुपए की कीमत घटने के कारण अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ा है और विकास दर मात्र 5.3 प्रतिशत रही है.

विकास दर उम्मीद से कम रही है और माना जा रहा है कि अर्थव्यवस्था में आई कमजोरी के कारण विकास दर पर इतना बुरा प्रभाव पड़ा है.

क्या कहना है एमके वेणु का

अगर इन आकड़ों पर यकीन किया जाए तो वर्ष 2013 में भारत की विकास दर के सात प्रतिशत रहने के अनुमान है लेकिन ये नीचे भी आ सकता है.

गुरुवार को आए आकड़ों के अनुसार वर्ष 2011/12 में सकल घरेलू उत्पाद 6.5 प्रतिशत पर चला गया है. हालांकि उम्मीद थी कि यह दर 6.9 प्रतिशत तक रहेगी.

बाजार पर प्रभाव

यूरोजोन से ग्रीस के निकलने की आशंकाओं और स्पेन की अर्थव्यवस्था पर मंडराते खतरे का असर एशियाई बाजारों पर भी बड़ा है और मुंबई सेंसेक्स खुलने के साथ 150 अंक नीचे आ गया है.

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज में भी 40 अंकों की गिरावट दर्ज की गई है.

भारतीय बाज़ार में ऑटो, बैंकिंग, रिएलिटी सेक्टर के शेयरों में भारी बिकवाली दर्ज की गई.

जापान के निक्केई इंडेक्स में दो प्रतिशत गिरावट हुई है जबकि कल अमरीकी बाजार भी काफी नीचे बंद हुए थे.

ग्रीस के यूरोजोन से बाहर होने की आशंकाओं के कारण निवेशक बाजार पर बिल्कुल भरोसा नहीं कर रहे हैं और कई कंपनियों ने अपने शेयर बेचे हैं.

उधर आयरलैंड में यूरोपीय मौद्रिक संधि पर गुरुवार को जनमत संग्रह होना है.

मौद्रिक संधि के अनुसार यूरोपीय संघ के देशों के बजट घाटे से संबंधित नियम और कड़े किए गए है.

रुपए में गिरावट

पिछले कुछ समय में रुपए में गिरावट तो जारी ही है लेकिन गुरुवार को यह और गिरी है और रिकार्ड स्तर तक जा पहुंची है.

गुरुवार को बाज़ार खुलते ही रुपया 56 के स्तर पर पहुंच गया था. यानी एक डॉलर की क़ीमत हो गई थी 56.50 पैसे. माना जा रहा है कि रुपए पर नियंत्रण के लिए रिजर्व बैंक जल्दी ही कोई कदम उठा सकता है.

वैश्विक हालत पर एक नज़र

जापान- निक्केई इंडेक्स में 1.9 प्रतिशत की गिरावट हुई है. येन मज़बूत हुआ जिससे देश का निर्यात घाटा बढ़ा है. माज़दा मोटर्स और कैनन के शेयर गिरे.

कोरिया- कंपोज़िट स्टॉक प्राइस इंडेक्स मं 22 अंकों की गिरावट जो 1.22 प्रतिशत की गिरावट है.

हांगकांग- हांग सेंग में 1. 4 प्रतिशत की गिरावट. सिंगापुर, ताइवान, चीन, इंडोनेशिया और फिलीपींस के बाजा़रों में भी गिरावट.

ऑस्ट्रेलिया- शेयर बाजार 1.1 प्रतिशत गिरा.

स्पेन- बैंकिंग प्रणाली पर ज़बर्दस्त दबाव. स्पेन का चौथा सबसे बड़े बैंक बैंकिया को 23.8 अरब डॉलर की ज़रुरत ताकि वो रियल स्टेट ऋणों को कवर कर सके.

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