सरकार को निर्यात दर 20 फीसदी रहने का भरोसा

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Image caption केंद्रीय वाणिज्य मंत्री आनंद शर्मा को चालू वित्त वर्ष में निर्यात दर 20 फीसदी पर बने रहने की उम्मीद है

दुनिया भर में छाई आर्थिक मंदी को देखते हुए भारत सरकार ने मंगलवार को निर्यात बढ़ाने के लिए अपने सात सूत्रीय कार्यक्रम की घोषणा की. सरकार जो कदम उठाने जा रही है उनमें ब्याज पर सब्सिडी देने की योजना को एक और साल के लिए बढ़ाना भी शामिल है.

केंद्रीय वाणिज्य मंत्री आनंद शर्मा ने इसकी घोषणा करते हुए चालू वित्त वर्ष में निर्यात दर 20 फीसदी पर बने रहने की उम्मीद जताई है.

विदेश व्यापार नीति का वार्षिक अनुपूरक जारी करते हुए आनंद शर्मा ने कहा कि ब्याज सब्सिडी योजना को 31 मार्च 2013 तक बढ़ाने का फैसला किया गया है.

मंत्री के अनुसार इसके अलावा खिलौने, खेलों के सामान, प्रोसेस्ड कृषि उत्पाद और सिले-सिलाए वस्त्र जैसे श्रम बहुल उद्योगों को भी इस योजना के दायरे में लाया गया है.

निर्यात

उन्होंने कहा, “ इस साल का अनुपूरक सात व्यापक सिद्घांतों पर आधारित है. यह रोजगार देने वाले उद्योगों को मजबूती देने के अलावा बाजार विविधीकरण रणनीति को आगे बढ़ाएगा ”.

आनंद शर्मा ने कहा, “उम्मीद है कि सरकार के यह उपाय चालू वित्त वर्ष में निर्यात दर को 20 फीसदी पर बनाए रखने में मददगार होंगे. ”

303 अरब अमरीकी डॉलर के निर्यात के साथ 2011-12 में यह दर 21 प्रतिशत तक भी पहुंची थी.

निर्यात को बढ़ावा देने के लिए हैंडलूम, हैंडीक्राफ्ट,कारपेट और एसएमई सेक्टर में ब्याज सब्सिडी योजना के तहत 2 फीसदी की रियायत दी गई है.

अनुपूरक के अनुसार यूरोपीयन यूनियन के साथ व्यापार संधि के लिए बातचीत अग्रिम दौर में है. आस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड और कनाडा के साथ विदेशी व्यापार संधियों के लिए बातचीत चल रही है.

इसके अलावा उत्तर-पूर्व के लिए निर्यात की सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा.

अनुपूरक के अनुसार उद्योगों को प्रौद्योगिकी के उन्नयन के लिए ईपीसीजी योजना को भी मार्च 2013 तक बढ़ा दिया गया है.

साथ ही दिल्ली़, मुंबई से पोस्ट , कुरियर या ई-कॉमर्स से जाने वाली शिपमेंट्स को निर्यात लाभ मिलेंगे. स्पेशल इकानोमी जोंस को बढ़ावा देने के लिए नए दिशा निर्देश तैयार करेगी.

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