सेंसेक्स की छलांग, 1.30 लाख करोड़ की कमाई

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Image caption बुधवार को सेंसेक्स 434 अंक चढ़ा. जो 2012 में किसी एक दिन में सबसे उंची छलाग है.

यूरोजोन के संकट से निपटने की कवायद और भारत सरकार के निवेश को लेकर फैसले में तेजी लाने की कोशिशों का असर शेयर बाजार पर पड़ा है.

बुधवार को सेंसेक्स 434 अंक चढ़ा था जबकि 2012 में किसी एक दिन में सेंसेक्स की यह सबसे उंची छलाग है.

इस तेजी का लाभ निवेशकों को 58.64 करोड़ से बढ़ कर 1.30 लाख करोड़ रुपए की कमाई के रूप में हुआ.

इससे पहले 3 जनवरी को सेंसेक्स 421.44 के उच्च स्तर पर गया था.

इस तेजी को असर रुपए पर भी पड़ा है और भारतीय रुपया मामूली मजबूती पर बंद हुआ. मंगलवार को यह एक डॉलर के मुकाबले 55.45 पर था लेकिन आज यह 55.36 रहा.

ईसीबी की कोशिश

यूरोपीयन सेंट्रल बैंक (ईसीबी) ने यूरोजोन के संकट से निपटने के लिए कदम उठाने शुरू कर दिए है.

ठीक उसी समय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की बड़ी ढांचागत परियोजनाओं में तेजी लाने की कवायद हुई है. इस पूरे ताजा माहौल का असर बाजार पर पड़ा.

रिजर्व बैंक की बयाज दरों में और कटौती की उम्मीदों के बीच बैंकों, ढांचागत और आटोमोबाइल कंपनियों के शेयरों मे उत्साह से 80 अंक की तेजी के साथ सेंसक्स 16,100.36 के साथ खुला.

दिन आगे बढ़ने के साथ निवेशकों ने एशियन मार्किट में 1-2 फीसदी की तेजी का लाभ उठाया. दोपहर के सत्र में यूरोपीयन मार्किट से मिले अच्छे संकेतों ने बीएसई और एनएससी में और जान डाली.

16,494.50 के उच्च स्तर को छूने के बाद 433.66 अंकों की तेजी यानि यह दिन में सबसे बेहतरीन 2.77 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 16,454.30 पर बंद हुआ.

फेयरवेदर सिक्यूरिटीज की हेड इक्विटी शर्मिला ने कहा, “रिजर्व बैंक की बयाज दरों में और कटौती की उम्मीदों और ईसीबी की बैठक के परिणामों का असर घरेलू स्टॉक्स पर पड़ा."

टाटा मोटर्स, एल एंड टी की अगुआई में करीब 30 स्टॉक्स उच्च स्तर पर बंद हुए.

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